आगरालीक्स…सरकार बोली-जरूरी है कि अब घर पर भी मास्क लगाकर बैठे. नहीं बुलाएं मेहमान. दिल्ली एम्स के निदेशक ने बताई वजह आखिर क्यूं लोग घबरा रहे…आप भी सुनें क्या-क्या कहा
सरकार ने साझा की जरूरी जानकारियां
देश में इस समय कोरोना महामारी ने बुरी तरह से अपने पैर पसार लिए हैं. देश के कई राज्य इस समय महामारी से घिर चुके हैं और राज्य सरकारों को इसे नियंत्रण में लाने के लिए लाॅकडाउन, वीकेंड लाॅकडाउन, नाइट कफ्र्यू जैसे कई जरूरी सख्त कदम उठाने पड़ रहे हैं. वहीं दूसरी ओर सोमवार को देश के स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोरोना महामारी को लेकर जरूरी जानकारियां साझा की गई हैं. देश के नीति आयोग के सदस्य डाॅ. वीके पाॅल ने कहा कि यह समय किसी को घर पर बुलाने का नहीं है. घर में अगर कोई संक्रमित है तो वह तो मास्क पहने ही पूरा परिवार भी मास्क जरूर पहने. बल्कि ये समय तो घर पर भी मास्क पहनने का है. जरूरी है कि अब हम घर पर भी किसी से बात करते समय मास्क पहनें. उन्होंने कहा कि हमें वैक्सीनेशन पर ध्यान देना होगा. किसी भी सूरत में वैक्सीनेशन की गति को धीमा नहीं होने देना है.
सरकार ने कहा-सुधर रहे हालात
इधर स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव लव अग्रवाल ने भी देश में कोरोना महामारी को लेकर जरूरी जानकारियां साझा की. उन्होंने कहा कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि इस समय देश में 82 फीसदी लोग कोरोना से ठीक हो चुके हैं. इस समय देश के टोटल सक्रिय केस 28 लाख 13 हजार 658 लोगों के स्वास्थ्य को लेकर निगरानी रखी जा रही है. उन्होंने कहा कि देश के महाराष्ट्र, यूपी, कर्नाटक, केरल, राजस्थान, छत्तीसगढ़, गुजरात और तमिलनाडु में भी सक्रिय मामलों के बावजूद धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल रहा है.
दहशत में भर्ती हो रहे लोग
इधर दिल्ली एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने भी सोमवार को कहा कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि हालात ऐसे हैं कि अगर कोई व्यक्ति कोरोना संक्रमित हो जाता है तो वह दहशत में आ जाता है. उसे लगता है कि कहीं बाद में उसे आक्सीजन मिली या नहीं मिली, अस्पताल में बेड मिला या नहीं. इसी से डरकर वह अस्पताल में भर्ती हो जाता है, इसी कारण अस्पतालों में भीड़ बढ़ रही है और जेनुअन मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है. उन्होंने कहा कि घबराहट के कारण ही लोग दवाओं का स्टोर कर रहे हैं जिसके कारण कई जरूरी दवाओं की शाॅर्टेज देखने को मिल रही है. उन्होंने कहा कि अगर सब लोग होम आइसोलेशन नहीं करेंगे और दहशत के कारण अस्पताल में भर्ती हो जाएंगे तो सारी चीजें मैनेज नहीं हो पाएंगी.