आगरालीक्स.. आगरा में फ्लैट का कब्जा न देने पर बिल्डर सहित छह पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश कोर्ट द्वारा जारी किए हैं। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सर्वजीत कुमार सिंह ने निखिल होम एसोसिएट्स के संचालक शैलेंद्र अग्रवाल सहित छह के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर विवेचना के आदेश थाना प्रभारी हरीपर्वत को दिए।
अधिवक्ता कमल कुमार अग्रवाल के माध्यम से गुड़हाई मंडी ताजगंज निवासी आनंद गुप्ता ने अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। इसमें कहा कि मैसर्स निखिल होम एसोसिएट्स द्वारा मौजा चमरोली स्थित ताजनगरी फेस द्वितीय में निखिल पार्क रायल के नाम से फ्लैट बना रही है। कंपनी के कर्मचारियों द्वारा अच्छे रिटर्न का हवाला देने पर वह 102 नंबर का फ्लैट खरीदने को राजी हो गया। आरोप है कि विपक्षी एसोसिएट्स के संचालक ने भुगतान प्राप्ति के बाद 36 माह में फ्लैट का कब्जा देने का वायदा किया था। फ्लैट की कीमत 20 लाख 65 हजार बताई गई, जबकि उससे 27 मई 2013 तक 27 लाख, साठ हजार 460 रुपये का भुगतान करा लिया था।
तीन साल बाद भी नहीं मिला कब्जा
तीन वर्ष तक कब्जा नहीं दिया। अपनी रकम वापस मांगने पर विपिक्षयों ने उससे अभद्रता करते हुए जाने से मारने की धमकी दी। अदालत ने शैलेंद्र अग्रवाल, पदाधिकारी मां मंसा देवी सहकारी आवास समिति, अभिषेक, अजय तिवारी, गनेश शर्मा और एके पाराशर के खिलाफ धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज के आदेश दिए।
बिल्डरों पर दर्ज हो चुके हैं 44 मुकदमे
बिल्डर शैलेंद्र अग्रवाल जेल में है, आगरा में फ्लैट और मकान न देने के आरोप में करीब 44 बिल्डरों के खिलाफ अब तक विभिन्न थानों में मुकदमा दर्ज हो चुके हैं। इसमें शहर के तमाम बिल्डरों के अलावा नोएडा और दिल्ली के बिल्डर भी शामिल हैं। इनमें ज्यादातर मामलों में विवेचना चल रही है।