आगरालीक्स…पबजी के लिए 18 साल के किशोर ने 6 साल के बच्चे की हत्या की. फेवीक्विक से मुंह चिपकाकर शौचालय में किया बंद…क्या बच्चों को क्रिमिनल बना रहा है पबजी..
बीते महीने पहले यूपी के लखनऊ में पबजी खेलने के लिए एक बच्चे ने अपनी ही मां की गोली मारकर हत्या कर दी थी. वह दो दिन तक अपनी मां के शव के साथ रहा. इस मामले का खुलासा हुआ तो हर कोई इस घटना से चौंक गया. अब एक बार फिर यूपी में पबजी गेम के लिए 6 साल के बच्चे की हत्या का संगीन मामला सामने आया है. आरोपी 18 साल के किशोर ने पबजी खेलने के लिए इस घटना को अंजाम दिया क्योंकि उसके दादा—दादी पबजी खेलने को लेकर हमेशा डांटते थे. उसने अपने दादा—दादी को फंसाने के लिए ही 6 साल के बच्चे की हत्या कर दी. यही नहीं बच्चा शोर न करे इसके लिए उसने उसके मुंह को फेवीक्विक से चिपका दिया और फिर शौचालय में बंद कर दिया.
ये है पूरा मामला
मामला यूपी के देवरिया जनपद के लार थाना क्षेत्र का है. यहां के गांव हरखौली में गोरख यादव रहते हैं. इनका 6 साल का बेटा संस्कार यादव है जो कि तीन बहनों का इकलौता भाई था. संस्कार गांव के ही रहने वाले नरसिंह शर्मा के घर हर रोज कोचिंग पढ़ने के लिए जाता था. परिजनों ने बताया कि बुधवार की दोपहर को संस्कार कोचिंग पढ़ने के लिए गया लेकिन घर वापस नहीं लौटा. इस पर परिजन घबरा गए और उन्होंने इसकी तलाश की लेकिन कुछ पता नहीं चला. जब पिता कोचिंग सेंटर गए तो जानकारी मिली कि संस्कार बुधवार को पढ़ने आया ही नहीं था.

लैटर लिखकर मांगे पांच लाख रुपये
पूरे दिन परिजन बच्चे की तलाश करते रहे. शाम को एक खेत में एक पत्र मिला जिस पर यह लिखा था कि बालक के पिता गोरख यादव पांच लाख रुपये की व्यवस्था करे नहीं तो तुम्हारे लड़के को छोड़ा नहीं जाएगा. यह पत्र मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया. परिवार के लोग परेशान हो गए और उन्होंने इसकी जानकारी पुलिस को दी. सूचना पर एसपी भी रात को गांव पहुंच गए. पुलिस ने कोचिंग में जाकर पूछताछ की तो यहां कोचिंग पढ़ाने वाले शिक्षक नरसिंह शर्मा के पौत्र 18 वर्षीय अरुण से भी पुलिस ने पूछताछ की. पुलिस को थोड़ा शक हुआ तो उन्होंने अरुण से कड़ी पूछताछ की. गुरुवार सुबह अरुण ने सच्चाई बता दी. उसने बताया कि गायब छात्र संस्कार का शव शिक्षक के घर के दरवाजे पर स्थित शौचालय में है.
पुलिस ने इस मामले की पूरी तहकीकात की तो चौंकाने वाला मामला सामने आया. आरोपी 18 वर्षीय अरुण पबजी खेलने का आदी है. इसके लिए वह अक्सर अपने दादा व दादी से रुपये मांगता था. दादा और दादी आए दिन पबजी खेलने को लेकर अरुण को डांटा करते थे. ग्रामीणों ने बताया कि कुछ दिन पहले अरुण जान देने के लिए रेल लाइन के पास पहुंच गया था पर लोगों ने समझा बुझाकर लौटाया था. पुलिस पूछताछ में अरुण ने बताया कि वह अपने दादा और दादी को जेल भिजवाना चाहता था. इसके लिए ही उसने संस्कार की हत्या कर शव को शौचालय में छुपा दिया था, ताकि दूसरे दिन जब शव मिले तो हत्या का आरोप दादा और दादी पर मढ़ दिया जाए. उसने बताया कि बुधवार को संस्कार कोचिंग के लिए आ रहा था तो उसे रासते में ही पकड़ लिया. बाद में एक दुकान से फेवीक्विक खरीदकर उसके मुंह में डाल दिया जिससे कि संस्कार शोर नहीं मचा पाया. इसके बाद शौचालय में ले जाकर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी. पुलिस ने इस मामले में आरोपी अरुण सहित कुछ अन्य लोगों को भी हिरासत में ले लिया है मामले में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है.