आगरालीक्स आगरा शहर में चल रहीं 760 डेयरियों को ध्वस्त किया जाएगा। भैंस और गाय के बाडे खत्म किए जाएंगे। आज से डेयरियों के खिलाफ अभियान चलेगा।
हाईकोर्ट ने नगर की सीमा में डेयरियों को प्रतिबंधित किया है। डेयरियों को शहरी सीमा के बाहर स्थापित करना है। निगम ने शहरी क्षेत्र में 760 डेयरियों को चिह्नित किया था। इन डेयरियों में 10 हजार पशु हैं। इन डेयरियों को शहर से हटाने के लिए कई बार नोटिस और चालन किए जा चुके हैं। धारा 133 के तहत कई संचालकों पर मुकदमे भी कराए हैं। इसके बावजूद डेयरी संचालक यहां से हटने को तैयार नहीं हैं। शहर में गंदगी और उसका निस्तारण नहीं होने पर जुर्माना लग रहा है।
पशु किए जा सकते हैं जब्त
निगम ने बलपूर्वक डेयरियों को ध्वस्त करने की तैयारी की है। डेयरियों को बंद करके पशुओं को जब्त भी किया जा सकता है। शुक्रवार सुबह 11 बजे से न्यू आगरा के बसंत विहार, लश्करपुर, पटपरी चौराहा, विद्या नगर और नगला पदी में डेयरियां सील की जाएंगी। डॉ. योगेश शर्मा, पशु चिकित्साधिकारी नगर निगम का कहना है कि पुलिस फोर्स को साथ लेकर अभियान चलाया जाएगा।
यह है समस्या
डेयरियों से निकलने वाला गोबर और गौमूत्र आदि सीधे नाले-नालियों में जाता है। इससे दुर्गंध फैलती है। नालियां चोक हो जाती हैं। कई इलाकों में तमाम गलियां खराब हो जाती हैं। खरंजों में गोबर भर जाता है। डेयरियों के पशु यमुना में भी नहाने जाते हैं। इससे नदी में प्रदूषण बढ़ रहा है।
बुढाना में डेयरी होनी है शिफ्ट
शासन के निर्देश पर एडीए ने विकास खंड बरौली अहीर में बमरौली कटारा स्थिति पशु चिकित्सालय के पास बुढ़ाना में डेयरियों को शिफ्ट करने की योजना बनाई थी। यहां 1450 प्लाट काटे गए थे। पशुपालकों ने रुचि नहीं दिखाई। एडीए भी शांत हो गया। अब पशुपालक पुराने रेट में भूमि मांग रहे हैं। जबकि वहां मौजूदा कीमत करीब सात से आठ हजार रुपया वर्गमीटर बताई जा रही है।