आगरालीक्स ….आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में जिंदा युवक को मुर्दा बना दिया, उसके पोस्टमार्टम के लिए पुलिस कर्मी घर पहुंचे, इससे मामला खुल गया। एसएन प्रशासन ने दो जूनियर डॉक्टर को सस्पेंड कर दिया है। जांच के लिए कमेटी गठित की गई है।
आगरा के केदार नगर में कुश चौरसिया अपनी पत्नी रिचा और बेटी शैली के साथ रहते हैं। वह एक प्राइवेट कंपनी में कार्यरत हैं, 17 जून को सुबह वे सो रहे थे, उनके बेड पर सांप आ गया। सांप को देख उनके होश उड गए, परिजनों को लगा कि कुश को सांप डंस गया है, परिजन एसएन इमरजेंसी ले आए, चार घंटे इलाज के बाद डॉक्टरों ने सही बताते हुए छुटटी कर दी।
पोस्टमार्टम कराने के लिए घर पहुंची पुलिस
18 जून को थाना शाहगंज से दारोगा पहुंचे, उन्होंने कुश की पत्नी रिचा को बताया कि उनके पति की एसएन इमरजेंसी में 17 जून को मौत हो गई है, शव पोस्टमार्टम हाउस में रखा हुआ है और पोस्टमार्टम कराने के लिए परिजन को चलना होगा। उनके होश उड गए, उन्होंने पति को आवाज दी, वे बाहर निकल आए। पुलिस को बताया कि मैं ही कुश हूं और आपके सामने खडा हूं मौत कैसे हो सकती है।
पुलिस कर्मियों को नहीं हुआ भरोसा, कराई शिनाख्त
इस पर पुलिस कर्मियों को भरौसा नहीं हुआ, उन्होंने एसएन के डॉक्टरों द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट दिखाई, इस रिपोर्ट के अनुसार कुश की मौत हो चुकी थी और शव पोस्टमार्टम हाउस में रखा था। कुश ने पडोसियों को बुला लिया, उन्होंने भी बताया कि यह कुश है। इसके बाद पुलिस को रिपोर्ट पर शक हुआ, उन्होंने कुश से जिंदा होने की एप्लीकेशन लिखवाई और उसे लेकर एसएन इमरजेंसी पहुंच गए।
जांच में खुल गया मामला
पुलिस कर्मी कुश के जिंदा होने की रिपोर्ट लेकर एसएन इमरजेंसी पहुंचे, इसके बाद जूनियर डॉक्टरों ने फाइल निकाली, इसके बाद मामला खुलता चला गया। 17 जून को ही एक अज्ञात की भी मौत हुई थी, उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था, रिपोर्ट में अज्ञात की जगह कुश को म्रत दर्शा दिया गया।
2 जूनियर डॉक्टर सस्पेंड
एसएन की प्राचार्य डॉ सरोज सिंह के आदेश पर मेडिसिन विभाग के जूनियर डॉक्टर विवेक गौतम और पूनम रभा को सस्पेंड कर दिया है। इस प्रकरण की जांच के लिए डॉ पीके माहेश्वरी, डॉ आरबी लाल और डॉ एससी जैन की कमेटी गठित की है।