आगरालीक्स.. (9 February 2022 Agra News) आगरा की खेरागढ़ विधानसभा सीट पर भाजपा और सपा-रालोद की सीधी टक्कर होती नजर आ रही है। अब तक बसपा से टक्कर लेती आई भाजपा का जीत का गणित गड़बड़ा गया है।
भाजपा की जीत भगवान भरोसे
खेरागढ़ विधानसभा सीट से भाजपा ने बसपा से आए भगवान सिंह कुशवाह को टिकट देकर जीत का गणित लगाया है, जिसमें कुशवाह समाज के वोटों के साथ भाजपा को अपने परंपरागत वोटों के साथ जीत का भरोसा है। भगवान सिंह कुशवाह बसपा को भी दो बार कुशवाह समाज के वोटों के सहारे जीत दिला चुके हैं लेकिन इस बार स्थिति बदली हुई है।
वैश्य समाज के वोटों को सहेजना चुनौती
भाजपा ने वैश्य समाज खासकर अग्रवाल समाज के महेश गोयल की टिकट काटकर भगवान सिंह कुशवाह को दी है। इससे वैश्य समाज के एक खेमे में रोष भी है क्योंकि अग्रवाल समाज आगरा उत्तर के बाद खेरागढ़ की सीट को अपना मानता रहा है लेकिन इस बार वैश्य समाज का वोट सपा-रालोद गठबंधन के प्रत्याशी के पक्ष में कट रहा है, जिससे भाजपा की मुसीबत बढ़ती जा रही है।
सपा-रालोद ने वैश्य, जाट वोटों से स्थिति मजबूत की
सपा-रालोद गठबंधन से रौतान सिंह प्रत्याशी हैं। गठबंधन प्रत्याशी के इस बार मुख्य मुकाबले में आने की वजह वैश्य समाज का वोट काफी संख्या में उसके खाते में आने की उम्मीद बंधी है, जबकि जाट समाज का वोट भी उसके पक्ष में जाता नजर आ रहा है।

कुशवाह समाज वोट कटने से फायदा रौतान को
कुशवाह समाज के वोटों की संख्या अच्छी खासी है, इसका फायदा तो गठबंधन प्रत्याशी को कम मिलेगा लेकिन बसपा प्रत्याशी के कुशवाह समाज का होने के कारण भाजपा-बसपा में वोट कटने से रौतान सिंह को सीधा फायदा मिल रहा है। मुस्लिम वोटों के साथ साथ सपा के परंपरागत वोट मिलने के अलावा ऐन मौके पर कोई बड़ा उलट-फेर नहीं होने की स्थिति में भाजपा से गठबंधन की सीधी टक्कर है।
बसपा को कुशवाह समाज के पुराने फार्मूले पर भरोसा
बसपा से गंगाधर कुशवाह चुनाव मैदान में इस बार जीत का गणित लगाए हुए हैं। बसपा को अपने मजबूत और परंपरागत वोटों के अलावा कुशवाह समाज के वोटों के भरोसे जीत का भरोसा है।
कुशवाह वोट कटने से बसपा को नुकसान भी
इस समीकरण के आधार पर वह दो बार इस सीट को जीत भी चुकी है। इसी फार्मूले को इस बार भी अपनाया गया है लेकिन कुशवाह वोट इस बार बसपा से कटकर भाजपा के खाते में भी जा रहा है, जिससे बसपा की स्थिति कमजोर हुई है लेकिन बसपा को भरोसा है कि वह इस कमी को मुस्लिम और अन्य वर्गों के वोटों के सहारे पूरी कर मुख्य मुकाबले में आ सकती है। फिलहाल वह तीसरे नंबर पर बनी हुई है।
कांग्रेस काट सकती है गठबंधन प्रत्याशी के वोट
कांग्रेस से रामनाथ सिकरवार चुनाव मैदान में हैं। कांग्रेस की जीत का गणित पुराने आंकडों के आधार पर ही है लेकिन पिछले कई चुनावों से उसे निराशा ही हाथ लगी है। कांग्रेस प्रत्याशी के जाट समाज के होने के कारण सपा-रालोद गठबंधन के प्रत्याशी को जरूर कुछ नुकसान पहुंचा सकते हैं लेकिन मुकाबले को प्रभावित करने की स्थिति में कांग्रेस नजर नहीं आती है। कांग्रेस ने यहां आखिरी बार जीत 1993 में मंडलेश्वर सिंह के सहारे हासिल की थी।
खेरागढ़ का गढ़ फतेह करने वाला सूरमा
-महेश कुमार गोयल भाजपा वर्ष 2017
-भगवान सिंह कुशवाह बसपा वर्ष 2012
-भगवान सिंह कुशवाह बसपा वर्ष 2007
-रमेश कांत लवानिया भाजपा वर्ष 2002
-मंडलेश्वर सिंह कांग्रेस वर्ष 1996
-मंडलेश्वर सिंह कांग्रेस वर्ष 1993
-बाबूलाल गोयल भाजपा वर्ष 1991
-मंडलेश्वर सिंह जनता दल वर्ष 1989
-बहादुर सिंह कांग्रेस वर्ष 1985
-मंडलेश्वर सिंह कांग्रेस वर्ष 1980
-गुरुदत्त सोलंकी जनता दल वर्ष 1977
खास-खास
-खेरागढ़ विधानसभा सीट पर मतदाता 3,26,933
-खेरागढ़ विधानसभा सीट युवा मतदाता 3739
-लड़के इस सीट पर पहली बार वोट डालेंगे 1944 -लड़कियां सीट पर पहली बार वोट डालेंगी 1765