आगरालीक्स… आगरा से मुंबई, बैंगलूरू, चेन्नई सहित दक्षिण भारत के शहरों के लिए फ्लाइट मिल सकेगी। मीडिया ने सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट दी है कि रविवार को यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली में केंद्रीय नागर विमानन मंत्री गजपति राजू से मुलाकात की, केंद्र सरकार की उडान योजना के साथ जुड कर आगरा से दक्षिण भारत के शहरों के लिए सीधी फ्लाइट की सुविधा देने पर चर्चा की। ऐसा होने पर आगरा से देश भर के शहरों को फायदा होगा, यहां बडी संख्या में पर्यटक ताजमहल का दीदार करने आते हैं। यहां से सीधी फ्लाइट शुरू होने से पर्यटक की आगरा आने और देश के अन्य शहरों में जाने की संख्या में इजाफा हो सकेगा।
दरअसल, केंद्र सरकार ने 2016 में उडान रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम शुरू की थी, इसके लिए केंद्र सरकार एयर कनेक्टिविटी के लिए प्रदेश सरकार के साथ मिलकर एयपोर्ट विकसित करेगी। विमानन कंपनियों को संसाधन उपलब्ध कराएगी, जिससे आगरा सहित पर्यटक शहरों से सीधे फ्लाइट मिल सके।
18 अप्रैल को कैबिनेट ने आगरा में पंडित दीन दयाल उपाध्याय एयरपोर्ट विकसित का निर्णय
आगरा में बनने वाले एयरपोर्ट का नामकरण हो गया है, यहां पंडित दीन दयाल उपाध्याय एयरपोर्ट विकसित किया जाएगा। मंगलवार को कैबिनट की बैठक में सीएम योगी आदित्यनाथ ने आगरा के एयरपोर्ट का नाम पंडित दीन दयाल उपाध्याय और गोरखपुर के सिविल टर्मिनल का नाम महायोगी गोरखनाथ जी रखा जाएगा।
55 एकड में विकसित होना है सिविल टर्मिनल
खेरिया हवाई अडडे से सटे धनौली में 55 एकड जमीन में सिविल टर्मिनल विकसित किया जाना है। इसके लिए 30 एकड जमीन ली जा चुकी है, अभी 25 एकड जमीन किसानों से लेकर एयरपोर्ट अथॉरिटी को देनी है। शासन ने 25 मई 2016 को सिविल टर्मिनल के लिए एक अरब 53 करोड 67 लाख रुपये मंजूर किए थे।
रनवे की बढाई जाएगी लंबाई
110 करोड़ रुपये से रनवे की लंबाई बढ़ाकर इसे बड़े विमानों की लैंडिंग के लायक बनाया जाएगा। रनवे विस्तार के लिए प्रदेश सरकार धनराशि खर्च करेगी और विस्तार भी प्रदेश सरकार ही कराएगी।
छह महीने से बंद है काम
सिविल टर्मिनल के लिए पहली किश्त में मिले बजट से जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया, लेकिन दूसरी किश्त जारी नहीं हुई, इसके चलते अक्टूबर से सिविल टर्मिनल का काम बंद पडा हुआ है।
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