आगरालीक्स ..आगरा की फर्जी बीएड डिग्री वाले शिक्षकों की बर्खास्तगी पर रोक लगाते हाईकोर्ट ने कहा है कि शिक्षकों की बर्खास्तगी के नतीजे गंभीर होंगे, ये एक दशक से से अधिक समय से काम कर रहे हैं। कोर्ट द्वारा बर्खास्तगी पर पूर्व में दो बार अंतरिम रोक इस आधार पर लगाई गई थी कि मार्कशीट में फर्जीवाडा छात्रों का काम नहीं हो सकता है जब तक कि अधिकारियों की मिलीभगत न हो, याचीगण की बर्खास्तगी के गंभीर परिणाम होंगे क्योंकि इसके बाद उसे लिए गए वेतन की वसूली का आदेश दिया जा सकता है। ऐसे में यथा स्थिति बरकरार रखना न्याय हित में होगा।
आंबेडकर विवि की बीएड 2004 -05 की एसआईटी ने 4342 डिग्रियो को फर्जी माना था, इस मामले में विवि ने बीएड डिग्री धारकों को अपना पक्ष रखने के लिए 15 दिन का समय दिया। पक्ष ना रखने पर 2823 की डिग्री निरस्त कर दी गई, ये सरकारी शिक्षक हैं, इन्हें संबंधित जिले के बीएसए ने बर्खास्त कर दिया। विवि ने 872 और बीएड डिग्री धारकों की डिग्री निरस्त कर दी, इस तरह 3536 की डिग्री निरस्त की जा चुकी है। इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में किरन लता सिंह और अन्य की विशेष अपील पर न्यायमूर्ति पंकज मित्तल और न्यायमूर्ति डॉ वाईके श्रीवास्तव ने शिक्षकों की बर्खास्तगी पर रोक लगा दी है।