आगरालीक्स.. आगरा की डॉ दीप्ति अग्रवाल की मौत के मामले में कई सवाल अनसुलझे हैं, सुसाइड नोट में लिखा था कि मुझे क्रिशिव के साथ चले जाना चाहिए था, यह क्रिशिव डॉ दीप्ति का बेटा था, दो साल पहले जन्म हुआ और मौत हो गई। पुलिस उन हालातों को जानने में जुटी है, जिस कारण यह हादसा हुआ है।
आगरा में तीन अगस्त को ताजगंज के विभव नगर के विभव वैली व्यू अपार्टमेंट में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ दीप्ति अग्रवाल फंदे पर लटकी मिलीं थी, उनके पति ह्रदय रोग विशेषज्ञ डॉ सुमित अग्रवाल ने गेट तोडकर उन्हें फंदे से नीचे उतारा, अपने सफायर अस्पताल में भर्ती कर वेंटीलेटर सपोर्ट पर रखा। डॉ दीप्ति अग्रवाल के पिता कोसी निवासी डॉ नरेश मंगला सहित परिजन तीन अगस्त की रात को आगरा पहुंच गए, उन्होंने डॉ दीप्ति को गंभीर हालत में फरीदाबाद के सर्वोदय हॉस्पिटल में भर्ती कराया। वहां गुरुवार सुबह डॉ दीप्ति अग्रवाल की मौत हो गई।
मेरी बेटी ने सुसाइड की कोशिश नहीं की, उसकी हत्या की गई
डॉ दीप्ति अग्रवाल का कोसी में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया, उनके पिता डॉ नरेश मंगला का कहना है कि मेरी बेटी डॉ दीप्ति अग्रवाल सुसाइड की कोशिश नहीं कर सकती है, उसकी हत्या की गई है, इस बारे में सात अगस्त को पूरी जानकारी दी जाएगी।
छह साल पहले हुई थी शादी
आगरा कोर्डियक केयर सेंटर के संचालक डॉ एससी अग्रवाल के बडे बेटे डॉ अमित अग्रवाल और छोटे बेटे डॉ सुमित अग्रवाल हैं.डॉ सुमित अग्रवाल की शादी डॉ. दीप्ति के साथ 03 नवंबर 2014 को हुई थी। दोनों के दो वर्षीय बेटी है। पारिवारिक कारणों से पति-पत्नी परिवार से अलग मयूर अपार्टमेंट में रहते हैं। जबकि डॉ. सुमित के बड़े भाई और भाभी माता-पिता के साथ पुराने आवास में रहते हैं। डॉ. दीप्ति का मायका कोसीकलां, मथुरा में है। उनके पिता भी डॉक्टर हैं।