आगरालीक्स ..आगरा में नन्ने मुन्नों ने कैनवास पर तस्वीर उकेरी, चित्रों के माध्यम से अपनी सोच और भावनाएं साझा की और संदेश दिया। कचरे का स्थान मौहल्लों व कलोनी की सड़कों पर नहीं बल्कि डस्टबिन में है। हरियाली नहीं तो जीवन नहीं। पानी नहीं तो कल नहीं और सफाई नहीं तो स्वास्थ्य नहीं। ये चिन्ता और सलाह किसी पर्यावरणविद की नहीं बल्कि देश के उन भावी भविष्य की है, जिनकी आंखों में भारत व अपने शहर के लिए सिर्फ सुन्दर सपने हैं। स्वच्छ और सुन्दर भारत के इन सपनों को नन्हे-मुन्नों ने देहली गेट स्थित रतन मॉल, प्ले सफारी में आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में सतरंगी रंगों से सजाया।

चार से 11 वर्ष तक के बच्चों के लिए दो वर्गों में आयोजित प्रतियोगिता का विषय था स्वच्छ भारत-स्वच्छ आगरा। जिसमें लगभग 150 से अधिक बच्चों ने भाग लिया। अपनी पेंटिंग के माध्यम से बच्चों ने पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने के लिए रिड्यूज, रीयूज और रीसाइकिल का भी संदेश दिया। इस मौके पर प्ले सफारी के संचालक रचित जैन, सचिन जैन व एजुकेशन बॉक्स के लव अग्रवाल ने बच्चों को गीले कचरे से खाद व सूखे कचरे से रीसाइकिल करने के बारे में जानकारी दी। साथ ही नीले व हरे डस्टबिन में किस तरह का कचरा डाले इसकी भी जानकारी दी गई।

स्वच्छता पर आधारित क्विज में भी बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लिया। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी बच्चों के प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। रिजल्ट अगले सप्ताह रविवार को घोषित किए जाएंगे।