आगरालीक्स….आगरा में एक मां को अपना बेटा मिल गया तो दूसरी मां की गोद सूनी हो गई। हॉस्पिटल का बिल ना देने पर नवजात को बेचने का मार्मिक मामला.
यह है मामला
आगरा के शंभुनगर में रिक्शा चालक शिव चरन अपनी पत्नी बबिता और पांच बच्चों के साथ रहते हैं। पत्नी गर्भवती थी, प्रसव पीडा होने पर जेपी हॉस्पिटल, ट्रांस यमुना में भर्ती कराया। बेटे को जन्म दिया, हॉस्पिटल का दवा सहित 35 हजार का बिल बना, शिव चरन के पास केवल 5 हजार रुपये थे। उसने कहा कि दो दिन में ब्याज पर पैसे लाकर दे देगा। शिव चरन का आरोप है कि हॉस्पिटल संचालक ने उससे कहा कि वह यह बच्चा किसी को दिलवा देता है, उसे हॉस्पिटल का बिल नहीं देना होगा। 50 हजार रुपये और मिल जाएंगे।
एक लाख रुपये में दिलीप मंगल ने लिया बेटा, रितेश की गोद में आठ दिन खेला बच्चा
24 अगस्त को अस्पताल संचालक ने एक दंपती को बुलाया, ये गंगे गौरी बाग बल्केश्वर निवासी दिलीप मंगल थे, इनकी रितेश अग्रवाल से 2005 में शादी हुई थी, उनके कोई बच्चा नहीं है, यह बच्चा दिलीप मंगल ने एक लाख रुपये में गोद ले लिया, 100 रुपये के स्टांप पेपर पर गोद नामा लिखा गया। बच्चा रितेश की गोद में पहुंच गया।
बबिता का वीडियो आने के बाद हॉस्पिटल सील, दीपक मंगल ने बापस किया बच्चा
सोशल मीडिया पर हॉस्पिटल का बिल ना देने पर बच्चे को बेचने का वीडिया आने के बाद स्वास्थ विभाग की टीम ने जेपी हॉस्पिटल सीलकर दिया। रात को दीपक मंगल नवजात को लेकर बबिता के घर पहुंचे उसे नवजात वापस कर दिया।