आगरालीक्स ..आगरा में नेशनल इवेस्टीगेशन एजेंसी और यूपी एटीएस ने बडी कार्रवाई की। टीम ने नकली नोटों के मास्टर माइंड की महिला साथी फातिमा को आगरा से गिरफ्तार किया है। सुरक्षा एजेंसियां महिला से पूछताछ कर रही है, मास्टर माइंड की साथी महिला लंबे समय से आगरा के एत्माउददौला के सुशील नगर में रह रही थी। नकली नोटों को कहां खपाया जाता था, इसकी जांच की जा रही है।

लीची का मायका बांग्लादेश के चापई नवाबगंज जिले के शिवगंज में है। उसके पड़ोसी अनवार उल इस्लाम (50) को 18 जनवरी 2016 को बांग्लादेश बार्डर पार करते समय पश्चिम बंगाल पुलिस ने दो लाख की जाली करेंसी के साथ पकड़ा था। उससे पूछताछ में ही लीची का नाम सामने आया था। 25 फरवरी को यह केस एनआईए के सुपुर्द कर दिया गया। अनवार उल की गिरफ्तारी के बाद जाली करेंसी की सप्लाई का काम नवाबगंज के अपल शेख उर्फ एप्पल ने संभाल लिया। भारत सरकार के कहने पर शेख को बांग्लादेश पुलिस ने दस दिन पहले आठ फरवरी को गिरफ्तार किया है। वह ढाका जेल में बंद है। इसके बाद एनआईए की कोलकाता शाखा के डिप्टी एसपी कंचन मित्रा से मिले इनपुट पर आगरा एटीएस के इंस्पेक्टर आलोक कुमार ने फातिमा के बारे में जानकारी की। उसके फोटो और वीडियो भेजे। एनआईए ने अनवार को इन्हें दिखाया। उसने फोटो फातिमा के बताए। इसके बाद गुरुवार सुबह एनआईए और एटीएस की टीम ने फातिमा को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास बंद किए जा चुके 1000-1000 के दो नोट मिले। यह गिरोह नोटबंदी के बाद नई करेंसी नहीं छाप पाया था। फातिमा सब्जी बेचती है। वह जाली करेंसी को सब्जी मंडी में खपाती थी। उसे 2700 रुपये असली के बदले एक हजार के दस नकली नोट मिलते थे।
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