आगरालीक्स… आगरा में बिल्डर सहित तीन के खिलाफ मुकदमा, इन पर फ्लैट के लिए पैसे लेने के बाद भी कब्जा न देने के आरोप में कोर्ट से मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस मामले की विवेचना कर रही है
आगरा के सरला बाग एक्सटेंशन निवासी अमिताव शर्मा ने प्रस्तुत प्रार्थना पत्र में कहा कि एक्टिव इक्यूपमैंटस प्रा. लि. इको होम्स सेक्टर-4 ग्रेटर नोएडा में फ्लैट्स की बुकिंग के लिए संजय प्लेस स्थित कार्यालय से दस मई 2017 को विज्ञापन प्रकाशित होने पर उसने अपने नाम से फ्लैट संख्या 205ए बुक कराया था। सात लाख 75 हजार रुपये का भुगतान उपरांत कंपनी को एक साल में फ्लैट का कब्जा उसे देना था। उसके द्वारा पूर्ण भुगतान करने एवं पंद्रह माह व्यतीत हो जाने पर भी विपक्षी ने उसे फ्लैट नहीं दिया। आरोप है कि उसके द्वारा ग्रेटर नोएडा जाकर साइट का जायजा लिया तो ज्ञात हुआ कि साइट पर मात्र सीमेंट के पिलर खड़े हुए थे, निर्माण कार्य ठप पड़ा था। जिसके जल्द चालू होने की भी कोई संभावना नहीं दिख रही थी। तब उसने विपक्षी कंपनी को नोटिस दिया। जवाब न देने पर कोर्ट के माध्यम से मुकदमा दर्ज कराया है।
4 अप्रैल को कोर्ट ने दिए मुकदमे के आदेश
4 अप्रैल 2018 को आगरा में नालंदा बिल्डर्स एंड डेवलेपर्स लि. के डायरेक्टरों पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश कोर्ट ने दिए हैं। इन पर 25 लाख रुपये लेने के बाद भी टू बीएचके फ्लैट न देने और पैसे भी वापस न करने के आरोप लगे हैं।
प्रियंका एन्क्लेव दयालबाग निवासी देवकांत त्यागी ने वरिष्ठ अधिवक्ता संजय उपाध्याय के माध्यम से अदालत में दिए प्रार्थना पत्र में कहा है कि चार सितंबर 2014 को उसने एवं उसकी पत्नी ने टू बीएचके का मकान खरीदने के लिए नालंदा बिल्डर्स एंड डेवलेपर्स लि. के शांति मॉल चर्च रोड स्थित कार्यालय में संपर्क किया था। उस दौरान कार्यालय में डायरेक्टर मिले, उन्होंने टू बीएचके भवन के संबंध में जानकारी दी। दस सितंबर को उसने व उसकी पत्नी ने उक्त बिल्डर्स से कहा कि अभी एक लाख व आठ दिन बाद छह लाख रुपये जमा कर देंगे। इस पर सहमति देते हुए नालंदा क्राउन शास्त्रीपुरम में एक मकान ई/402 चतुर्थ तल पर उसके व उसकी पत्नी के नाम आवंटित कर दिया। आवंटन लेटर जारी कर दिया गया। उसने एक्सिस बैंक से लोन कराकर शेष धनराशि जमा कराई थी। आरोप है कि मकान का कब्जा न देने पर शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कोर्ट ने कंपनी के संतोष कटारा, राधे श्याम शर्मा और शरद भदौरिया के खिलाफ धोखाधडी और धन हडपने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश किए हैं।