आगरालीक्स… आगरा में स्कूल फीस रेगुलेशन लॉ का उल्लंघन करने पर प्राइवेट स्कूल संचालकों पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। 20 हजार से अधिक सालाना शुल्क वसूलने वाले कॉलेज संचालकों के लिए सख्त नियम बनाया गया है।
बुधवार को कमिश्नर के राम मोहन राव ने मंडलीय शुल्क नियामक समिति की बैठक की, उन्होंने कहा कि किसी भी स्कूल में फीस वार्षिक आधार पर नहीं ली जाएगी, संसूचित शुल्क से ज्यादा नहीं लिया जाएगा। कैपिटेशन शुल्क नहीं ले सकेंगे और प्रत्येक शुल्क की रसीद देना अनिवार्य होगा।
5 साल तक ड्रेस नहीं बदल सकेंगे कॉलेज संचालक
प्राइवेट स्कूलों में 5 साल तक कॉलेज संचालक ड्रेस नहीं बदल सकेंगे। छात्रों को ड्रेस से लेकर किताब कॉपी खरीदने के लिए किसी विशेष दुकान के लिए दबाव नहीं बनाया जाएगा। वहीं, स्कूल की आय खाते में ही जमा होगी।
एफआईआर से लेकर जुर्माना
इन नियमों का उल्लंघन करने पर पहले साल में एक लाख रुपये का जुर्माना लगेगा, दूसरे साल में पांच लाख का जुर्माना लगाया जाएगा और तीसरे साल में मान्यता समाप्त करने की संस्तुति की जाएगी। इसके साथ ही मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा।
स्कूल में साथी बच्चे बोल रहे अश्लील शब्द, छोडा स्कूल
1 अप्रैल 2018 को आगरा के एक प्रतिष्ठित स्कूल से अपने बच्चो को निकालने का कारण जानकार हैरान रह जाएंगे, छठवीं के छात्र के पिता ने स्कूल में अश्लील शब्द, शिक्षिकाओं के लिए अश्लील वार्ता करने का सनसनीखेज खुलासा किया है।
आगरा के हरीपर्वत क्षेत्र स्थित एक बडे मिशनरी कान्वेंट स्कूल से एटीएस में इंस्पेक्टर ने अपने बेटे को निकाल लिया है। उन्होंने अपनी फेसबुक पर एक पोस्ट डाली है, इसमें स्कूल के फोटो के साथ स्कूल से निकालने का कारण भी लिखा है। उन्होंने स्कूल के माहौल और छात्रों को ज्ञान की जगह अश्लीलता पढाए जाने पर चिंता जाहिर की गई, यहां तक लिखा है कि थाने में शिकायत की जाए किंतु शिक्षक चिकित्सक सहित सुरक्षा से जुडे लोगों के विरुदृ उचित नहीं है।
अश्लीलता की पाठशाला
एटीएस के इंस्पेक्टर ने अपनी फेसबुक पर लिखा है कि उनका बेटा स्कूल में छठवीं कक्षा में पढता है। अपने बेटे को विवश होकर निकालना पड रहा है, उसकी कक्षा में 65 बच्चे हैं। इसमें से एक बडा प्रतिशत अश्लील शब्द, गाली का प्रयोग और हिंसा करता है। ये छठवीं कक्षा के बच्चे अपनी शिक्षिका के प्रति अश्लील वार्ता करते हैं।
शिक्षिकाएं हो चुकी हैं मनोरोगी
फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि स्कूल की शिक्षिकाएं हिंसक हैं, वे साधारण गलतियों पर छात्रों के बाल पकड कर बुरी तरह से मारती हैं। कान उखाडने की आदत है वे भी मनोरोगी हो चुकी हैं।
पढाई का गिर रहा स्तर बिगड रहे हालात
शहर के प्रतिष्ठित कान्वेंट स्कूलों का बुरा हाल है, इन स्कूलों में पढाई से ज्यादा छात्र गलत हरकतें कर रहे हैं। कुछ छात्र चोरी करते हुए भी पकडे जा चुके हैं। स्कूलों में अश्लील शब्दों का इस्तेमाल, गाली गलौज आम है। इस तरह की घटनाएं बढ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि परिजनों को अपने बच्चों पर नजर रखनी चाहिए, यह देखना चाहिए कि उनके साथी और वे गलत हरकतें तो नहीं कर रहे हैं। स्कूल से भी बच्चों का फीडबैक लेना चाहिए।