आगरालीक्स.. आग लगने पर क्या करना चाहिए, आगरा के रेनबो हॉस्पिटल में ट्रेनिंग दी गई।
अग्निशमन अधिकारी, शास्त्रीपुरम उमेश गौतम एवं उनकी टीम ने अस्पताल कर्मियों को आग लगने के कारणों, उससे बचाव, विभिन्न प्रकार की आग पर प्रयोग किए जाने वाले अग्नि नियंत्रण साधनों की जानकारी, प्राथमिक अग्निशमन उपकरणों के प्रयोग आदि की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन एवं कर्मचारियों को आग किन वजहों से लगती हैं, यह कितने प्रकार की होती हैं और किस किस्म की आग को बुझाने के लिए किस यंत्र अथवा पदार्थ का उपयोग किया जाना चाहिए इस पर व्याख्यान दिया। इसके बाद पेट्रोलियम पदार्थ में आग लगाकर उसे बुझाने की तकनीक पर फायर डिमोस्ट्रेशन दिया। इस दौरान अस्पताल कर्मियों ने उनसे अग्निशमन सुरक्षा से संबंधित सवाल भी किए, जिसका फायर अधिकारियों ने डिमोस्ट्रेशन कर जवाब दिया। रेनबो हाॅस्पिटल के निदेशक डा. नरेंद्र मल्होत्रा ने फायरकर्मियों की जांबाजी को सलाम किया। कहा कि तेज उठती लपटें और उनके बीच किसी के उजड़ते आशियाने को बचाने की मंशा फायरकर्मियों में देखने को मिलती है। वे हर दिन आग से खेलने का काम करते हैं। मेडिकल सुप्रिटेंडेंट डा.राजीव लोचन शर्मा ने कहा कि इस खतरनाक काम को अंजाम देते हुए फायरकर्मियों को अपनी जान की भी फिक्र नहीं होती। फिक्र होती है तो उन्हें सिर्फ उस जलते मंजर या फिर उसमें धधकती जिंदगी को बचाने की। डा. ऋषभ बोरा ने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं समय-समय पर आयोजित किया जाना बेहद जरूरी हैं, क्योंकि हर एक व्यक्ति को यह पता होना चाहिए कि आग पर नियंत्रण कैसे पाया जाता है। अस्पताल के महाप्रबंधक राकेश आहूजा ने कहा कि दूसरों के हिस्से की तपन को झेलते हुए फायरकर्मी अपनी जान की भी परवाह नहीं करते। आज इस माॅक ड्रिल में अस्पताल कर्मियों की समझ आया कि एक मामूली सी चिंगारी भी किस हद तक खतरनाक हो सकती है जबकि एक बडे़ हादसे को जरा सी सावधानी से टाला जा सकता है।
इस अवसर लवकेश गौतम, राजीव भसीन, सुदीप पुरी, विनयंकात नागर, केशवेंद्र सिसौदिया, विश्वदीपक, जगमोहन गोयल, नवनीत उपाध्याय, मनोज, विशाल, शिल्पा, खुशबू, रिंकी, वारिद, अनीता, शिवांगी आदि मौजूद थे।