
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी चिम्मन लाल जैन ने पिछले एक वर्ष से प्रदेश में पूर्ण शराब बंदी की मांग को लेकर आंदोलन छेड़ रखा है। उन्होंने एलान किया था कि सरकार ने शराब की दुकानें बंद नहीं की तो वे जनता को साथ लेकर दुकानों में आग लगाएंगे। इसके लिए उन्होंने सात जून की तारीख नियत की थी। तय कार्यक्रम के मुताबिक चिम्मन लाल जैन अपने समर्थकों के साथ सुबह साढ़े दस बजे धूलियागंज स्थित महाराज अग्रसेन इंटर कालेज के बाहर खड़े हो गए। हाथों में तिरंगा और आग लगाने के लिए मशाल लिए समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी।
जानकारी मिलते ही थाना छत्ता, नाई की मंडी का पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गया। सिटी मजिस्ट्रेट रेखा एस चौहान और सीओ कोतवाली मनीषा सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर उन्हें समझाने की कोशिश की। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने आसपास की शराब की दुकानों को बंद कर दिया। अधिकारियों ने उन्हें समझाने की कोशिश की। सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि जो दुकानें विद्यालय, धार्मिक स्थल और अस्पतालों के 50 मीटर के दायरे में हैं उनकी पैमाइश कराकर हटवा दिया जाएगा। रही शराबबंदी तो यह शासन स्तर का फैसला है, इसमें वे कुछ नहीं कर सकते। लेकिन चिम्मनलाल जैन अपनी जिद पर अड़े रहे। उन्होंने कहा कि मैं कानून तोड़ रहा हूं आप चाहें तो मुझे गिरफ्तार कर लें। एक बार तो उनके समर्थक देशी शराब के ठेके पर भी पहुंच गए। करीब दो घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी को उनके समर्थकों के साथ गिरफ्तार कर लिया और उन्हें पुलिस अभिरक्षा में उनके निवास पर भेज दिया।
हटाए जाएंगे शराब के ठेके
रेखा एस चौहान, सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि चिम्मनलाल जैन की सांकेतिक गिरफ्तारी कर उन्हें उनके निवास पर भेज दिया गया था। जिले में जितनी भी शराब की दुकानें धार्मिक स्थलों, विद्यालयों और अस्पतालों के 50 मीटर के दायरे में हैं उनकी पैमाइश कराकर हटवाया जाएगा।
आंदोलन चलता रहेगा
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, चिम्मन लाल जैन का कहना है कि आंदोलन समाप्त नहीं होगा। प्रशासन ने आज रोक दिया है लेकिन अब आंदोलन नए तरीके से होगा। हमारे समर्थक नौ जून से शराब के ठेकों पर पत्थर फेंककर उन्हें बंद कराने की कोशिश करेंगे।
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