आगरालीक्स… घोसी उपचुनाव में सपा की जीत और भाजपा की हार, लोकसभा चुनाव के लिटमस टेस्ट में सपा पास, भाजपा ज्वाइन करने से पहले दारा सिंह सपा से विधायक थे, सुधाकर सिंह के दोस्त रहे। जानें दोनों के बारे में।
मऊ की विधानसभा घोसी पर 2022 के विधानसभा चुनाव में दारा सिंह चौहान ने सपा से जीत दर्ज की थी लेकिन प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने पर दारा सिंह चौहान ने 2023 में पार्टी से इस्तीफा और विधानसभा सदस्य के पद से इस्तीफा दे दिया। यह सीट खाली हो गई, इस पर उपचुनाव हुए, भाजपा से दारा सिंह चौहान तो सपा ने सुधाकर सिंह को प्रत्याशी बनाया। सुधाकर सिंह मऊ सीट से दो बार सपा से विधायक रह चुके हैं, उपचुनाव में वे निर्दलीय लड़े थे।
दारा सिंह 63 हजार मतों से हराया
घोसी विधानसभा उपचुनाव को लोकसभा चुनाव का लिटमस टेस्ट माना जा रहा था। इस सीट पर सपा प्रत्याशी सुधाकर सिंह ने भाजपा प्रत्याशी दारा सिंह चौहान को 63 हजार वोटों से हराया है। हाईस्कूल तक पढ़े दारा सिंह चौहान ने राजनैतिक करियर बसपा से शुरू किया, वे बसपा के बाद सपा, इसके बाद दोबारा बसपा और फिर सपा में आ गए। इसके बाद भाजपा ज्वाइन कर ली और भाजपा सरकार में मंत्री भी बने लेकिन 2022 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा में अपनी उपेक्षा का आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ दी और सपा ज्वाइन कर ली। सपा से विधायक चुने गए लेकिन 2023 में सपा छोड़कर भाजपा में चले गए।