
आगरा के एत्मादपुर स्थित गांव धरोरा में बुधवार को छह वर्षीय तनु अपने पिता के साथ खाट पर सो रही थी, रात में उनकी आंख खुली तो तनु वहां नहीं थी, इस पर उनके होश उड गए। गांव में तनु के बिस्तर से गायब होने की जानकारी होते ही लोग आ गए, उन्होंने रात में तनु की तलाश शुरू कर दी, पुलिस भी आ गई, लेकिन तनु का कोई पता नहीं चला।
गडढे से जिंदा निकली तनु
पुलिस ने गांव के लोगों से पूछताछ की, उसकी तालश में लोग जुट गए, दोपहर में किसी ने जानकारी दी कि तनु को दफना दिया गया है। इस पर पुलिस पफोर्स के साथ परिजन वहां पहुंच गए, गडढे से मिटटी हटाई गई तो उसमें तनु के हाथ दिखाई दिए, इसके बाद उसके मुंह से मिटटी हटाई गई, लोगों ने तनु की नब्ज देखी तो वह चल रही थी। उसे तुरंत ही पास ही स्थित नेमिनाथ हॉस्पिटल लेकर गांव वाले पहुंचे।
सांसें चलती देख बढी धडकने
गडढे को खोदा गया,वहां लोगों की भीड लग गई, तनु को बाहर निकाला गया, उसकी सांसे चल रही थी। इसे देख लोगों की धडकने बढ गई, उसकी जान बचाने के लिए लोग तनु को लेकर हॉस्पिटल की तरफ दौडे, नेमिनाथ हॉस्पिटल से उसे आगरा रेफर कर दिया गया।
छानबीन में जुटी पुलिस
रात को गायब तनु गांव के पास ही जंगल में एक गडढे में बच्ची को जिंदा दफना दिया गया था। इंस्पेक्टर एत्मादपुर का कहना है कि बच्ची ठीक है, स्त्री रोग विशेषज्ञों को भी दिखा दिया गया है, उसे कुछ नहीं हुआ है। लेकिन बच्ची को क्यों दफनाया गया, इसकी छानबीन में पुलिस जुटी हुई है, कई लोगों से पूछताछ की गई है।
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