आगरालीक्स…आगरा में होने जा रहे आगरा महोत्सव में सरकारी विभागों को 42 हजार रुपये में स्टॉल लेने के फरमान ने अधिकारियों की नींद उडा दी है, यह निजी आयोजन है जिसे सरकारी जैसा समझकर सरकारी विभागों से स्टॉल लेने के लिए कहा जा रहा है।
हिंदुस्तान न्यूजपेपर की रिपोर्ट के अनुसार आगरा में 26 अक्टूबर से 4 नवंबर तक कोठी मीना बाजार में आगरा महोत्सव होने जा रहा है। यह आयोजन हर साल मिड नाइट बाजार आयोजित करने वाली संस्था रावी इवेंट कर रही है, इसमें लद्यु उद्योग भारती, स्वदेशी जागरा मंच भी शामिल है। 26 अक्टूबर से चार नवंबर तक चलने वाले आगरा महोत्सव में एक स्टॉल की कीमत 42 हजार रुपये रखी गई है, मंदी के दौर में महंगी स्टॉल लेने वालों की संख्या कम है। ऐसे में अनूठा तरीका निकाला गया। 15 अक्टूबर को सीडीओ कार्यालय में जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, परियोजना निदेशक अवधेश वाजपेयी ने सभी विभागों की बैठक बुलाई। इसमें शिक्षा, सिचाई, सिंचाई, क्रषि, बिजलीख् स्वास्थ्य, समाज कल्याण, खाद्य एवं रसद विभाग की बैठक बुलाई गई। सरकारी विभागों से कहा गया है कि उन्हें एक स्टॉल लेनी है, इसकी कीमत 42 हजार रुपये रखी गई है। कई सरकारी को प्रायोजक बनने के लिए कहा गया।

कहां से लाएं 42 हजार रुपये
सरकारी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी परेशान हैं, वे आगरा महोत्सव में स्टॉल लगाकर सरकारी योजनाओं का प्रचार करेंगे, इसके लिए कोई फंड नहीं आता है,क इस तरह के आयोजन में ऐसी स्टॉल लगाई जाती हैं जिससे उत्पाद बिक सकें और कमाई हो सके। कुछ विभाग 42 हजार रुपये दे भी दें तो वे किस मद में खर्चा दिखाएंगे, इसे लेकर परेशान हैं।
क्या है कहना
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, परियोजना निदेशक अवधेश वाजपेयी का कहना है कि सभी विभागों से एक स्टॉल लेने के लिए कहा गया है, यह सरकारी कार्यक्रम नहीं है लेकिन सरकारी जैसा ही समझो, इसमें मुख्यमंत्री, उपराष्ट्रपति आ रहे हैं।