आगरालीक्स… आगरा में अब हैंडपंप घोटाला सामने आया है, यह घोटाला लाखों में है, हैंडपंप लगाए बिना ही पैसा ले लिया, इसका सत्यापन भी करा दिया गया। इस मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
आगरा के प्राथमिक विद्यालयों में 517 हैंडपंप लगाए जाने थे। यह काम लघु उद्योग निगम कानपुर को दिया गया, उन्होंने काम करने से इन्कार कर दिया, इसके बाद 23 सितंबर 2016 को यह काम उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम इलाहाबाद को दे दिया गया। दो करोड़ चार लाख 20 हजार रुपये के बजट में 517 हैंडपंप लगाए जाने थे।
पहले चरण में एक करोड़ दो लाख दस हजार रुपये जारी किए गए। इनसे 259 हैंडपंप लगाए जाने थे। 28 अगस्त को कार्य समाप्ति का कर हैंडपंपों की सूची बेसिक शिक्षा विभाग को दी गई। विभाग के अफसरों ने सत्यापन किया।
41 हैंडपंप कम लगाए
इस मामले में आगरा के सीडीओ रविंद्र मांदण से हैंडपंप कम लगाए जाने की शिकायत की, उन्होंने जांच कराई। स्कूलों में 259 की जगह 218 हैंडपंप ही मिले। 41 हैंडपंप लगाए बगैर पैसा डकार लिया गया। शुक्रवार को बीएसए ने उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम के प्रयागराज के क्षेत्रीय प्रबंधक, ठेकेदार और शिक्षा विभाग से संबंधित अन्य के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई है।