आगरालीक्स…मासिक धर्म में असहनीय दर्द को न करें नजरअंदाज..कैंसर जैसी बीमारी है एंडोमेट्रियोसिस. डॉक्टर नरेंद्र मल्होत्रा ने दी लक्षण और उपचार से संबंधित जानकारी
मासिक धर्म के दौरान होने वाला अत्यधिक दर्द सामान्य नहीं हो सकता। अगर दर्द हर माह बढ़ता जा रहा है, तो यह एक गंभीर बीमारी एंडोमेट्रियोसिस का संकेत हो सकता है। देश में 15 से 60 साल की 25 प्रतिशत महिलाएं इससे पीड़ित हैं। यह कैंसर जैसी बीमारी है। जानकारी के अभाव में इसका निदान वर्षों तक नहीं हो पाता।यह बातें उजाला सिग्नस रेनबो हॉस्पिटल के एमडी एवं जाने माने स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर नरेंद्र मल्होत्रा ने हाइब्रिड कांफ्रेंस में एक हजार से अधिक डॉक्टरों के सवालों के जवाब में कहीं। कांफ्रेंस देश के चार प्रमुख शहरों दिल्ली एनसीआर, हैदराबाद, बंगलुरु और भुवनेश्वर में हुई। इसमें अमेरिका के प्रोफेसर एरिक भी शामिल हुए। विश्व की नई दवाओं पर भी इसमें चर्चा हुई।
उन्होंने बताया कि एंडोमेट्रियोसिस एक ऐसी स्थिति है, जिसमें गर्भाशय की अंदरूनी परत की तरह का ऊतक शरीर के अन्य हिस्सों जैसे अंडाशय, फैलोपियन ट्यूब्स, आंत या मूत्राशय में उगने लगता है। मासिक धर्म के दौरान यह ऊतक भी टूटता है, लेकिन बाहर नहीं निकल पाता, जिससे सूजन, जलन और चिपकाव की समस्या हो जाती है। इससे न सिर्फ असहनीय दर्द होता है, बल्कि यह बांझपन का एक प्रमुख कारण भी बन सकता है।
अक्सर नजरअंदाज होते हैं लक्षणइस रोग के प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं—पेट के निचले हिस्से में लगातार दर्द, पीरियड्स के दौरान तीव्र ऐंठन, अत्यधिक रक्तस्राव, संभोग के दौरान दर्द और गर्भधारण में कठिनाई। कई बार महिलाएं इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देती हैं, जिससे स्थिति बिगड़ती जाती है।
निदान में देरी, उपचार में परेशानी
कांफ्रेंस में शामिल रेनबो आईवीएफ की एमडी एवं बांझपन एक्सपर्ट डॉक्टर जयदीप मल्होत्रा ने बताया कि एंडोमेट्रियोसिस का निदान जल्दी नहीं हो पाता। इसकी पुष्टि के लिए लैप्रोस्कोपी सबसे विश्वसनीय तरीका है। इलाज में दर्दनाशक दवाएं, हार्मोन थेरेपी और आवश्यकता पड़ने पर शल्य चिकित्सा की जाती है।
जीवनशैली में बदलाव भी कारगर
हीटिंग पैड, योग, संतुलित आहार और तनाव प्रबंधन जैसे घरेलू उपायों से भी राहत मिल सकती है। डॉक्टर की सलाह से विटामिन, ओमेगा-3 और मैग्नीशियम सप्लिमेंट भी उपयोगी हो सकते हैं।
डॉक्टर जयदीप के मुताबिक, अगर पीरियड्स का दर्द रोजमर्रा की जिंदगी पर असर डाल रहा है या गर्भधारण में समस्या आ रही है, तो तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें। यह बीमारी जितनी गंभीर है, उतनी ही नियंत्रित भी हो सकती है, बस जरूरत है समय पर पहचान और सही इलाज की।