आगरालीक्स…आगरा में इस फल का पानी पीने के बाद लोग मलाई भी खूब खाते हैं, अब हर मुंह का जायका बन गया है, जानें आगरा में कहां से आता है, क्या हैं फायदे.
आगरा में दक्षिण भारत के जिस फल ने कोरोना काल में दस्तक दी थी वह देखते ही देखते अब हर मुंह का जायका बन चुका है। यहां हम बात कर रहे हैं नारियल पानी की जो आपको इन दिनों शहर के हर चौक—चौराहे पर आसानी से दिख जाएगा। हालांकि ऐसा हमेशा से नहीं था। एक समय ऐसा भी था जब शहर में इसकी आमद न के बराबर थी। बहुत से लोगों ने तो इसका बस नाम ही सुना था।
शहर में आपको अब जगह—जगह नारियल पानी बेचते हुए ठेले दिख जाएंगे। कोरोना के समय आगरा में हरे रंग के नारियल की आमद बढ़ी। इम्युनिटी बढ़ाने के लिए लोग इसके पानी का सेवन करने लगे। इसके साथ ही डेंगू और वायरल फीवर में प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए भी यह खूब इस्तेमाल किया जाने लगा। हालांकि इससे प्लेटलेट्स बढ़ते हैं या नहीं इसका जवाब विशेषज्ञ ही दे सकते हैं। बहरहाल धीरे—धीरे यह लोगों की जुबान पर चढ़ गया। आज आपको हर कहीं नारियल पानी आसानी से मिल जाएगा। जानकार बताते हैं कि यह आगरा में दिल्ली से अधिक आता है। भारत में नारियल पानी का सबसे ज्यादा उत्पादन कर्नाटक में होता है, इसके बाद तमिलनाडु और फिर केरल का नंबर आता है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल से भी लादकर इसे देश के अलग—अलग हिस्से में पहुंचाया जाता है। दिल्ली की आजादपुर मंडी से आगरा में बड़ी आमद है। यहां बड़ी मंडी के साथ ही यह टकों से टांसपोर्ट नगर क्षेत्र के मालगोदाम में भी उतरता है और फिर फुटकर विक्रेताओं द्वारा छोटी—छोटी मंडियों, चौक चौराहों पर बिक्री के लिए ले जाया जाता है।
नारियल पानी की खूबियां
डायटीशियन कीर्ति पांडे का कहना है कि नारियल पानी में विटामिन सी के अलावा मैग्नीशियम, मैगजीन, पोटेशियम, सोडियम, कैल्शियम और फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इससे इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। यह इलेक्टोलाइट डिंक है।
40 से 50 रूपये का एक नारियल
दुकानदार हरी का कहना है कि नारियल पीस के हिसाब से बिकता है। छोटा नारियल 40 रूपये का जबकि बड़ा नारियल 50 रूपये में बिकता है। लोग इसे पानी के साथ ही मलाई के लिए भी खरीदते हैं। नारियल पानी पीने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है।