
सावन के दूसरे सोमवार को बल्केश्वर मेले के साथ चारों शिवालयों की परिक्रमा सुबह पूरी होते ही मूसलाधार बारिश होने लगी। शिवालयों पर लगी भक्तों की भीड के बीच बम बम भोले गूंजता रहा, रात को 12 बजे तक शिवालयों में भोले नाथ की जय जयकार गूंजती रहेगी।
एक पौराणिक कथा है कि- सनत कुमारों ने भगवान शिव से सावन महीना प्रिय होने का कारण पूछा तो भगवान भोलेनाथ ने बताया कि “जब देवी सती ने अपने पिता दक्ष के घर में योगशक्ति से शरीर त्याग किया था, उससे पहले देवी सती ने महादेव को हर जन्म में पति के रूप में पाने का प्रण किया था। अपने दूसरे जन्म में देवी सती ने पार्वती के नाम से हिमाचल और रानी मैना के घर में पुत्री के रूप में जन्म लिया। पार्वती ने युवावस्था के सावन महीने में निराहार रह कर कठोर व्रत किया और शिव को प्रसन्न कर उनसे विवाह किया, जिसके बाद ही महादेव के लिए यह विशेष हो गया”।
यह भी हैं कथाएं
मरकंडू ऋषि के पुत्र मारकण्डेय ने लंबी आयु के लिए सावन माह में ही घोर तप कर शिव की कृपा प्राप्त की थी। इसी सावन महीने में समुद्र मंथन किया गया था। मंथन के बाद जो विष निकला, उसे भगवान शंकर ने पीकर सृष्टि की रक्षा की थी।
इस तरह करें भोलेनाथ की पूजा
सन्तान नहीं है — बांस के अंकुर से शिवलिंग तैयार करें और उसकी विधिवत पूजा करें। कुछ समय बाद सन्तान की प्राप्ति होगी।
विवाह नहीं हो है मोती व नवनीत वृक्ष के पत्ते से बने शिवलिंग कर पूजन करने से विवाह में आने वाली बाधा शीघ्र ही दूर हो जाती है और योग्य वर मिलता है।
धन टिकता नहीं है —आप दही कठोर हो जाने पर उसकी शिवलिंग बनायें और उसकर विधिवत पूजन व अर्चन करें। ऐसा करने से आपकी आर्थिक समस्या ठीक हो जायेगी एंव धन भी टिकने लगेगा।
परिवार में प्रेम और सुख शान्ति चाहते है –आप चीनी से बने शिवलिंग की पूजा करें। अवश्य लाभ मिलेगा।
रोगों से छुटकारा—आप मिश्री से बनें शिवलिंग के सामने रूष्द्राष्टक का पाठ करें एंव विधिवत पूजन व अर्चन करें। ऐसा करने पर कुछ ही समय में लाभ दिखने लगेगा।
शत्रुओं से परेशान हैं— लहसुनिया से बने शिवलिंग की पूजन करें। इस उपाय को करने से आपके शत्रुओं का शमन होगा
आयु वृद्धि के लिए—- कस्तूरी व चन्दन से बने शिवलिंग का पूजन करने से लाभ मिलता है।
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