
बिहार चुनाव में हार के बाद भाजपा उत्तर प्रदेश में दलित कार्ड खेलेगी और प्रदेश की कमान राष्ट्रीय महासचिव और केंद्रीय राज्यमंत्री रामशंकर कठेरिया को दी जाएगी। इस तरह के संदेश सोशल मीडिया पर चल रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि संघ प्रमुख मोहन भागवत के आरक्षण वाले बयान की वजह से भाजपा से बिहार का दलित वोट बैंक छिटक गया, जिससे बिहार में करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। उत्तर प्रदेश में दलितो वोट बैंक बसपा के पास है, ऐसे में भाजपा उत्तर प्रदेश में दलित चेहरे को आगे करेगी। ऐसे में केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ राम शंकर कठेरिया का नाम सबसे आगे माना जा रहा है।
संघ से जुडे, दो बार चुनाव जीता
संघ से जुड़े रहे कठेरिया आगरा जिला संगठन में कई अहम पदों पर रह चुके हैं। जिलाध्यक्ष का दायित्व भी संभाला है। लगातार दूसरी बार चुनाव जीतकर लोकसभा में पहुंचे हैं। इस संबंध में रामशंकर कठेरिया ने मीडिया में कहा है कि पार्टी की ओर से मिलने हर जिम्मेदारी उन्हें सहर्ष स्वीकार है लेकिन अभी तक ऐसी कोई खबर नहीं है। सोशल मीडिया पर यह कहां से चल रहा है, इसकी भी जानकारी नहीं है।
अमित शाह को हटाकर, संजय जोशी की मांग
बिहार में भारतीय जनता पार्टी को मिली करारी हार के बाद पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को हटाने की मांग होने लगी है। पार्टी से निष्कासित जोशी की पैरवी में कार्यकर्ता का एक बड़ा समूह खड़ा होने लगा है। कार्यकर्ताओं ने ब्रज क्षेत्र कार्यालय, जयपुर हाउस स्थिति संघ कार्यालय (माधव भवन), सांसद चौधरी बाबूलाल के निवास के पास संजय जोशी के पोस्टर लगा दिए हैं। इन पर स्लोगन लिखे हैं.. कहो दिल से संजय जोशी फिर से… भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष कैसा हो, संजय जोशी जैसा हो…।
कठेरिया बोले, हर जिम्मेदारी स्वीकार लेकिन मुझे नहीं है जानकारी
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