आगरालीक्स… वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर के गर्भगृह में सोने की देहरी के स्थान पर फाइबर की देहरी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
मामला न्यायालय तक पहुंचा
सोने की देहरी को लेकर मंदिर से जुड़े दो सेवायत गोस्वामी पक्ष आमने-सामने आ गए हैं। मामला अदालत तक पहुंच गया है।
पत्थर पर चांदी, फिर सोना और अब फाइवर
बांके बिहारी मंदिर के गर्भगृह की सोने की देहरी पर फाइबर की शीट चढ़ा दी गई है। आरोप लगा रहे पक्ष का कहना है कि पत्थर की देहरी पर चांदी की देहरी लगाई गई। चांदी के बाद सोने की देहरी लगाई गई लेकिन हमें कोई आपत्ति नहीं हुई लेकिन फाइबर की शीट लगाने पर हमें आपत्ति है।
धार्मिक आस्था का प्रश्न बताया
फाइबर की शीट पर देहरी पूजन करना उचित नहीं है। यह करोड़ों लोगों की आस्था का प्रश्न है। धार्मिक मान्यता भी है कि फाइबर की शीट पर पूजा न होकर मैटल पर पूजा होनी चाहिए। प्रतिदिन श्रद्धालु देहरी पूजन करते हैं। हम फाइबर की शीट पर पूजा नहीं होने देंगे। उन्होंने सोने की शुद्धता की भी जांच कराने की मांग की है।
मंदिर के मैनेजर का कथन
बांके बिहारी मंदिर के मैनेजर मुनीशचंद्र शर्मा का कहना है कि देहरी एक गोस्वामी ने लगाई है औऱ दूसरा गोस्वामी इस पर अंगुली उठा रहा है। दोनों पक्ष कोर्ट में भी गए हैं। कोर्ट ने कहा है कि दोनों पक्ष जांच करा लें, एक दो दिन में जांच भी शुरू हो जाएगी।