आगरालीक्स… आगरा में आयकर विभाग की कार्रवाई 40 घंटे से लगातार चल रही है, टीम की कार्रवाई के दौरान कारोबारियों की तबीयत बिगडने पर हॉस्पिटल में भर्ती कराया है। करोडों रुपये के काले धन के दस्तावेज मिलने के साथ ही विभाग को बडी जानकारी मिली हैं।
गुरुवार सुबह आठ बजे से प्रधान आयकर निदेशक जांच अमरेंद्र कुमार के निर्देशन में और संयुक्त निदेशक जांच तरुण कुशवाह की निगरानी में आगरा में बुलियन कारोबारी सुशील चौहान, अजय अवागढ़ और मथुरा के नीरज अग्रवाल (आरएस बुलियन) की फर्मों सहित 31 ठिकानों पर सर्च की कार्रवाई शुरू की, यह 40 घंटे बाद शुक्रवार रात तक जारी रही, इसमें 300 से ज्यादा आयकर अधिकारी दस्तावेज खंगालने में जुटे हैं। आगरा में चौबे जी का फाटक, मोती कटरा स्थित आवास मथुरा में आरएस बुलियन के प्रतिष्ठान, इन फर्मों के मुंबई और दिल्ली के प्रतिष्ठानों पर सर्च और सर्वे की कार्रवाई चल रही है।
कार्रवाई के दौरान बिगडी तबीयत
आयकर विभाग के छापे के दौरान बुलियन कारोबारी सुशील चौहान ने सीने में दर्द की शिकायत की, चिकित्सक को बुलाया गया और जांच के लिए हास्पिटल में भर्ती करा दिया गया। कुछ देर बाद कचहरी घाट में निर्मल कुमार जैन ने ब्लड प्रेशर बढ़ने की शिकायत की, उन्हें भी जांच के लिए नर्सिंग होम ले जाया गया। रात में हास्पिटल ले जाने के कारण आयकर अधिकारियों को दोनों के घर पर सर्च की कार्रवाई रोकनी पड़ी। सुबह फिर से जांच की गई और बाद में पीओ लगा दिया गया।
नोटबंदी के दौरान काला धन सफेद करने की आशंका
आयकर विभाग को नोटबंदी के दौरान बुलियन कारोबारियों द्वारा काला धन सफेद करने की आशंका है। आगरा, मथुरा के तीन बुलियन समूहों पर आयकर छापे के दूसरे दिन विभाग को इस तरह के कई दस्तावेज मिले हैं। एक दिन में ही मथुरा के आरएस बुलियन ने 37 करोड़ की बिक्री दिखाई है। छापे के दौरान दो कारोबारियों की तबीयत खराब हो गई। आयकर अधिकारियों ने उन्हें नर्सिंग होम में भर्ती कराया। सर्च वाली जगहों पर विभाग ने पीओ (प्रोहिबिटरी आर्डर) लगा दिए हैं। अगले सप्ताह विभाग की टीमें फिर से जांच करने जाएंगी।
5 नए परिसरों पर सर्वे की कार्रवाई
आयकर विभाग ने तीनों बुलियन समूहों पर मिले कागजातों के आधार पर शुक्रवार को पांच नए सराफा व्यापारियों के प्रतिष्ठानों पर सर्वे किया। इनमें से एक यमुना पार, कमला नगर, रामनगर में हैं। रात में ही ज्यादातर ठिकानों से सर्वे और सर्च की कार्रवाई खत्म कर दी गई। सर्च वाली जगहों पर पीओ (प्रोहिबिटरी आर्डर) लगा दिया गया है, कोई छेड़छाड़ न की जा सके।