आगरालीक्स…आगरा में प्रकृति की गोद में किया योग. स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश..
आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बाईंपुर रेंज के अंतर्गत नगर वन में एक विशेष योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर योगाचार्य पल्लवी दीक्षित, प्रशासनिक अधिकारी आगरा वन प्रभाग संत कुमार, क्षेत्रीय वन अधिकारी वन रक्षक प्रशिक्षण केंद्र बाइनपुर, दिनेश पांडे, डॉ. अनुराधा चौहान (अध्यक्ष, परिजात संस्था एवं पर्यावरणविद्), वन रक्षक प्रशिक्षण केंद्र के समस्त प्रशिक्षु एवं बाइनपुर रेंज का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। सभी ने मिलकर प्रकृति की गोद में योगाभ्यास कर स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
संत कुमार सर ने बताया कि कई योगासन सीधे प्रकृति से प्रेरित हैं, जैसे:
वृक्षासन (Tree Pose) – हमें पेड़ की तरह स्थिर और मजबूत बनना सिखाता है।
भुजंगासन (Cobra Pose) – यह हमें लचीलापन और जागरूकता सिखाता है।
गरुड़ासन (Eagle Pose) – यह हमें एकाग्रता और संतुलन सिखाता है।
सूर्य नमस्कार – सूर्य के प्रति आभार और ऊर्जा का प्रतीक है।
कार्यक्रम में पर्यावरणविद् डॉ. अनुराधा चौहान ने बताया कि योग और प्रकृति एक-दूसरे के पूरक हैं। योग और प्रकृति का रिश्ता बहुत गहरा और अटूट है। योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह हमें प्रकृति के साथ जुड़ना भी सिखाता है। जब हम खुले वातावरण में, पेड़ों के बीच, ताजी हवा में योग करते हैं, तो हमें एक अलग ही शांति और ऊर्जा का अनुभव होता है। प्रकृति हमें संतुलन सिखाती है — जैसे दिन और रात, ऋतुओं का बदलाव — उसी तरह योग हमें जीवन में संतुलन बनाना सिखाता है। योग हमें यह सिखाता है कि जैसे हम अपने शरीर का ध्यान रखते हैं, वैसे ही हमें प्रकृति का भी ध्यान रखना चाहिए। अगर प्रकृति स्वस्थ रहेगी, तभी हम भी स्वस्थ रह पाएंगे। आज के दिन हम यह संकल्प लें कि हम न केवल योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाएंगे, बल्कि प्रकृति की रक्षा भी करेंगे — पेड़ लगाएंगे, जल बचाएंगे और पर्यावरण को स्वच्छ रखेंगे।