आगरालीक्स.. आगरा में कवि व गीतकार गोपाल दास नीरज के अंतिम दर्शन के लिए कवि कुमार विश्वास, सुरेंद्र शर्मा, उदय प्रताप, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सहित वीवीआईपी का जमावडा। उनके शव को अंतिम दर्शन के लिए सरस्वती नगर बल्केश्वर में रखा गया है।

कवि गोपालदास नीरज 17 जुलाई को आगरा में थे, नाश्ता करने के बाद उनकी तबीयत बिगड गई और वेंटीलेटर पर रखा गया, यहां से 18 जुलाई की शाम को एम्स, दिल्ली रेफर कर दिया गया। 19 जुलाई को एम्स में कवि गोपाल दास नीरज की मौत हो गई, शनिवार सुबह आठ बजे कवि गोपाल दास नीरज का शव सरस्वती नगर, बल्केश्वर पहुंचा। डीएम एनजी रवि कुमार, एसएसपी अमित पाठक ने श्रद्रधांजलि दी। इसके बाद कवि गोपाल दास नीरज के अंतिम दर्शन के लिए वीवीआईपी का जमावडा लग गया।
नीरज जी ने कहा था 100 साल तक जिंदा रहूंगा

आगरा में कवि गोपालदास नीरज का शव अंतिम दर्शन के लिए सुबह आठ बजे सरस्वती नगर, बल्केश्वर में पहुंचा। यहां सबसे पहले कुमार विश्वास पहुंचे, उन्होंने कहा कि नीरज जी 82 साल की उम्र में बीमार पड़े थे तो उन्होंने कहा था कि मैंने ज्योतिषीय गणना कर ली है। 100 वर्ष तक जिंदा रहूंगा। हर बाद वो अपना गीत सुनाकर काल के दूत को लौटा देते थे। परसों कोई ऐसा काल का दूत आया जो संवेदनहीन था। उन्होंने कहा कि नीरज जी का जाना एक पुल का गिरना है। नीरज जी ने हर कण्ठ पर राज किया। जवाहर लाल नेहरू, अटल विहारी वाजपेयी ने उनके गीत गुनगुनाये, देव आनंद, राज कपूर उनके गीत पर थिरके। देश में ऐसा कोई नहीं जिसने गोपालदास नीरज को अपने दिल में जगह न दी हो।
स्वर्ग में कहा होगा आओ पार्टनर गले मिले
कुमार विश्वास ने कहा कि नीरज जी की फकीरी उनके लफ्जों में दिखती थी । हमारे घर का अपना हमसे दूर चला गया । इसकी भरपाई कोई दूर नहीं कर पाएगा। हमारा पीर हमसे दूर चला गया। निदा फ़ाज़ली ने जब स्वर्ग में गोपालदास नीरज को देखा होगा तो कहा होगा आओ पार्टनर तुम्हें गले लगा लूं.
गीतों में हमेशा अमर रहेंगे नीरज

सुबह 10 बजे पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कवि नीरज के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे, उन्होंने कहा कि अपने गीतों के माध्यम से कवि नीरज जी हमेशा अमर रहेंगे। कहा कि सत्ता में आने के बाद नीरज की स्म्रति में उनके गांव इटावा को यादगार बनाया जाएगा। उन्हांने कहा कि देश और दुनिया में नीरज जी का नाम है।
शर्मा
कवि सम्मेलन की नींव थे नीरज जी

कवि सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि नीरज जी कवि सम्मेलन की नींव, इमारत और गुम्बद थे। वे अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। उनके साथ ही वरिष्ठ कवि उदय प्रताप, कवि सर्वेश अस्थाना, कवि अरुण जैमेनी सहित स्थानीय कवि भी अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे।

रथ पर निकली अंतिम यात्रा
सरस्वती नगर बल्केश्वर से कवि गोपाल दास नीरज की अंतिम यात्रा रथ पर निकली, ऐ भाई जरा देख के चलो सहित उनके गीत गूंज रहे थे, उनके रथ के साथ जनसैलाब चल रहा था। आगरा से उनका शव एंबुलेंस से अलीगढ में पहुंचेगा और पंचतत्व में विलीन हो जाएगा।