आगरालीक्स…शॉकिंग, वेनेजुएला में ड्यूटी पर हुई थी 33 साल के भारतीय नाविक की मौत. 55 दिन बाद शव पहुंचा तो बॉडी से गायब मिले दिमाग, फेफड़े, दिल, लीवर और किडनी. शरीर पर थे 22 कट. जांच की मांग
वेनेजुएला में ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले भारतीय नाविक 33 साल के राकेश चौहान का शव जब भारत पहुंचा तो उनकी बॉडी से दिमाग, फेफड़े, दिल, लीवर, किडनी सहित कई अंग गायब मिले हैं. यह आरोप राकेश चौहान की फैमिली ने लगाया है. फारवर्ड सीमेन यूनियन आफ इंडिया की ओर से सोशल मीडिया पर इसको लेकर पोस्ट भी साझा की गई है जिसमें पीड़ित परिवार का आरोप है कि शव का दोबारा पोस्टमार्टम हुआ तो शरीर पर 22 टांके मिले और बॉडी से तिल्ली, अग्नशय, आंतें, थॅयरायड ग्लैंड, पैंक्रियास, गॉल ब्लेडर, वॉइस बॉक्स और श्वांस नली भी गायब थे.8 मई को मिली मौत की सूचना
मृतक राकेश चौहान यूपी के देवरिया जिले के रहने वाले थे. उन्होंने नवंबर 2025 में मर्चेंट नेवी ज्वाइन की थी और वेनेजुएला में मरीन फिटर के रूप में काम कर रहे थे. परिजनों के अनुसार 7 मई को कंपनी ने फोन पर बताया कि राकेश जहाज पर गिर गए हैं और उन्हें गंभीर चोटें आई हैं. अगले दिन परिवार से कहा गया कि उनके बचने की संभावना सिर्फ 5 प्रतिशत है. उसी शाम को कंपनी ने राकेश की मौत की सूचना दी. कंपनी का दावा था कि चक्कर आने से गिरने के बाद इलाज के दौरान हार्ट अटैक से राकेश की मौत हुई है.
परिवार ने कहा कि राकेश का शव भारत पहुंचने के बाद डॉक्टरों की टीम ने उसका परीक्षण किया लेकिन पोस्टमार्टम नहीं किया. कहा गया कि वेनेजुएला में पहले ही पोस्टमार्टम हो चुका था. इसके बाद देवरिया के कलेक्टर मधुसूदन हुलगी के निर्देश पर दूसरा पोस्टमार्टम कराया गया. जांच मे ंपता चला कि राकेश के शरीर से ब्रेन, दिल, लीवर, किडनी सहित कई अंदरूनी अंग गायब थे. विसरा भ्ज्ञी नहीं मिला जिस कारण फोरेंसिक जांच भी संभव नहीं हो सकी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार राकेश के शरीर पर गर्दन से नीचे तक एक कान से दूसरे कान तक 22 टांके थे. परिवार को इस बारे में पहले कोई जानकारी नहीं दी गई थी.
हत्या का आरोप, जांच की मांग
राकेश की पत्नी रंजना सिंह ने इसे सोची समझी साजिश के तहत हत्या करार दिया है. उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और परिवार को बीमा राशि जल्द देने की मांग की है. वहीं फारवर्ड सीमेन यूनियन आफ इंडिया ने कहा कि परिवार की सहमति के बिना राकेश के शरीर से सभी महत्वपूर्ण अंग क्यों निकाले गए. यूनियर ने आरोप लगाया कि शव प्राप्ति की रसीद में पत्नी रंजना चौरसिया की जगह अंजना चौरसिया के नाम से हस्ताक्षर मिले हैं. इसके अलावा एम्प्लॉयमेंट एग्रीमेंट में जिस जहाज का नाम था, राकेश की तैनाती उससे अलग जहाज पर दिखाई गई. ये सभी बातें मामले में गड़बड़ी और संभावित साजिश की ओर इशारा करती हैं.