
जवाहर बाग में पेड पर बैठे सत्याग्रहियों ने पुलिस पर सीधे फायरिंग और बमबारी कर दी, इसमें मथुरा के एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और आगरा पर्यटन थाने के प्रभारी रह चुके सब इंस्पेक्टर संतोष कुमार शहीद हो गए हैं। डीएम मथुरा भी घायल हुए हैं। इसमें कई पुलिस कर्मी और सत्याग्रही गंभीर रूप से घायल हैं, इनका इलाज चल रहा है, कई की मौत होने की खबर है, लेकिन पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा पुष्टि नहीं की गई है। सत्याग्रहियों को फरह के एक कॉलेज में अस्थायी जेल बनाकर रखा गया है।
मथुरा के जवाहर बाग को खाली कराने के लिए हाईकोर्ट के आदेश पर मथुरा पुलिस प्रशासन कई बार प्रयास कर चुका था। लेकिन सत्याग्रही राजकीय उद्याग जवाहर बाग को खाली करने के लिए तैयार नहीं थे। इस पर गुरुवार शाम साढे चार बजे पुलिस ने आॅपरेशन जवाहर बाग शुरु किया। पुलिस पफोर्स और प्रशासनिक अधिकारी जवाहर बाग के गेट पर पहुंचे, वहां पेड पर बैठे हुए सत्याग्रहियों ने उन पर फायरिंग कर दी, इससे पुलिस कर्मियों को संभलने का मौका नहीं मिला। इसमें एसओ फरह संतोष कुमार के दो गोली लगने पर कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई। वहीं, एसपी सिटी सहित कई पुलिस कर्मी गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

यह है जवाहर बाग प्रकरण
एक जनवरी, 2014 को कथित सत्याग्रहियों ने मथुरा स्थित जवाहर बाग में डेरा डाला था। करीब एक हजार लोग पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से यहां पहुंचे थे। वे मध्य प्रदेश के सागर से दिल्ली जंतर-मंतर पर पहुंचने के लिए चले थे। यहां डेरा जमाने के बाद इन लोगों का जवाहर बाग में स्थापित जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय के कर्मचारियों से विवाद होने लगा। उन्होंने आम, आंवला, बेर सहित अनेक बाग उजाड़ दिए। ठेकेदार के साथ मारपीट की। प्रशासनिक अफसरों ने इस समस्या को सुलझाने कोशिश की तो खुद को सत्याग्रही बताने वालों ने इन पर हमला कर दिया। तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट सहित पुलिस अधिकारियों ने किसी तरह से अपनी जान बचाई थी। ऐसे कई मामलों में 12 से अधिक रिपोर्ट दर्ज की गई हैं। अब इनकी संख्या तीन हजार के करीब बताई जाती है।
नेता रामवृक्ष यादव
कथित सत्याग्रहियों का नेतृत्व रामवृक्ष यादव नाम का व्यक्ति कर रहा है। यह उनके साथ ही मध्यप्रदेश के सागर से दिल्ली के लिए चला था। इसके बारे में ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है। हां, जब भी प्रशासन से कथित सत्याग्रहियों का टकराव हुआ, रामवृक्ष यादव की ओर से ही बयान जारी किए गए।
हरि राम शर्मा, आईजी, कानून व्यवस्था ने कहा ….
“मथुरा में जवाहर बाग में कब्जा खाली कराने के लिए गई पुलिस पर कब्जेदारों ने फायरिंग कर दी। गोली लगने से हमारे फरह थाने के एसओ संतोष कुमार की मृत्यु हो गई। एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी को भी गोली लगी है। इसके अलावा चार सिपाही भी घायल हुए हैं। इनमें दो को गोली लगी जबकि दो पथराव में घायल हुए हैं। मौके पर कमिश्नर, आईजी, डीआईजी सभी वरिष्ठ अफसर पहुंच गए हैं। पूरे जिले की फोर्स के अलावा तीन कंपनी अतिरिक्त फोर्स भी भेज दी गई है। पुलिस ने जवाहर बाग खाली करा लिया है। घटना पर पूरी नजर रखे हुए हैं। इस घटना के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।”
Leave a comment