आगरालीक्स …आगरा में जेईई मेन्स का रिजल्ट घोषित होने के बाद कोचिंग सेंटर बडे बडे दावे कर रहे हैं लेकिन हकीकत में आगरा के पांच से 10 फीसद अभ्यर्थी ही सफल हुए हैं, इन्हें जेईई एडवांस देना है। इसमें सफल होने पर ही आईआईटी सहित देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश मिल सकेगा।
देश के आईआईटी सहित प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश के लिए देश भर में संयुक्त प्रवेश परीक्षा जेईई मेन्स आयोजित की जाती है। जेईई मेन्स में सामान्य, एससी, एसटी के अभ्यर्थियों के लिए कट आॅफ जारी की जाती है, ये अभ्यर्थी ही जेईई एडवांस दे सकते हैं। जेईई एडवांस की मेरिट के आधार पर ही आईआईटी और प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्रों को प्रवेश मिलता है। अभी जेईई मेन्स का रिजल्ट आया है, इसमें 2 लाख 31 हजार 24 अभ्यर्थी सफल हुए हैं, ये सभी जेईई एडवांस दे सकेंगे। जईई मेन्स में टॉप आंध्र प्रदेश के भोगी सूरज क्रष्णा ने किया है।
5 फीसद से भी कम रिजट
आगरा के कोचिंग सेंटर बडे बडे दावे कर रहे हैं, होर्डिंग लगाए जाते हैं लेकिन इनका जेईई मेन्स में रिजल्ट 5 से 10 फीसद के बीच है। इसमे, भी एससी और ओबीसी के अभ्यर्थियों की संख्या ज्यादा है। इस बार जेईई मेन्स में सामान्य वर्ग के लिए कट आॅपफ 74, ओबीसी के लिए 45, एससी के लिए 29 और एसटी के लिए 24 है।
पहली बार में नहीं मिल रही सफलता, अभ्यर्थियों से लें राय
विशेषज्ञों का कहना है कि कोचिंग सेंटर कमाई करने में जुटे हैं, हाईस्कूल के बाद से ही छात्रों को कोचिंग कराई जा रही है लेकिन अधिकांश केस में पहली बार में अभ्यर्थियों को मेडिकल और इंजीनियरिंग में प्रवेश नहीं मिल रहा है। ऐसे में कोचिंग के बडे बडे होर्डिंग से आकर्षित होने के बाद वहां पढने वाले अभ्यर्थियों से जानकारी लें, इसके बाद ही कोचिंग का चयन करें। कोचिंग के साथ ही सेल्फ स्टडी भी जरूरी है, इसके बाद सफल नहीं हो सकते हैं। आगरा में कमला नगर के समर्थ गोयल की 684 वीं रैंक है।