आगरालीक्स …आगरा में चुनाव से पहले भाजपा में ग्रहयुदृध छिड गया है, भाजपा सरकार के मंत्री आगरा निवासी एसपी सिंह बघेल पर आरोप है कि उन्होंने ठाकुर, ओबीसी और एससी के जाति प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी और राजनीति में लाभ लिया, इनके सभी प्रमाण पत्र फर्जी हैं, यह आरोप उन्हीं की पार्टी से चुने गए जिला पंचायत अध्यक्ष राकेश बघेल ने लगाए हैं। राकेश बघेल सांसद डॉ राम शंकर कठेरिया के करीबी हैं और सांसद कठेरिया और मंत्री एसपी सिंह बघेल के बीच में जुवानी जंग खुले मंचों से चल रही है।
आगरा में रविवार को जिला पंचायत अध्यक्ष राकेश बघेल ने प्रेसवार्ता की, उन्होंने आरोप लगाए हैं कि एसपी सिंह बघेल अपना पूरा नाम सत्यपाल सिंह बघेल लिखते हैं, प्राथमिक शिक्षा की टीसी में उनके सर नेम सिकरवार लिखा हुआ है, इस तरह वे ठाकुर जाति के थे। इसके बाद वे पाल बघेल और गडरिया बन गए, उन्होंने ओबीसी का जाति प्रमाण पत्र बनवा लिया। इसके आधार पर पहले पुलिस और उसके बाद आगरा कॉलेज में लेक्चरर की नौकरी ले ली।
ठाकुर, ओबीसी के बाद चुनाव लडने के लिए एससी बने
आरोप है कि एसपी सिंह बघेल को टूंडला से चुनाव लडना था, यह सीट सुरक्षित थी। ऐसे में उन्होंने एससी का जाति प्रमाण पत्र बनवा लिया और चुनाव लडा। एक ही व्यक्ति की तीन जाति कैसे हो सकती हैं, यह बडा मामला है और इसकी शिकायत भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से भी की जा चुकी है।
यह है पूरा मामला
दरअसल, भाजपा सरकार में मंत्री एसपी सिंह बघेल अपनी पत्नी को फीरोजाबाद सीट से चुनाव लडाना चाहते हैं, इस सीट पर और भी दावेदार हैं। इसे लेकर एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लग रहे हैं। मंत्री एसपी सिंह बघेल और सांसद डॉ राम शंकर कठेरिया एक दूसरे पर खुले मंच से आरोप लगा चुके हैं।
क्या है कहना
मीडिया से मंत्री एसपी सिंह बघेल का कहना है कि राकेश बघेल के मुंह में डॉ राम शंकर कठेरिया के शब्द हैं। कठेरिया की विनाशकाल विपरीत बुदिृध हो गई है, उनके अपनी जाति के 922 वोट हैं। शहर के 12 14 कारोबारियों से घिरे हुए हैं। गरीब जनता से दूर हो गए हैं।