आगरालीक्स…खाटू श्याम मंदिर और 32 हजार आशियाने… जोंस मिल भूमि पर अवैध निर्माण होंगे ध्वस्त. व्यापारियों ने जनप्रतिनिधियों से कहा….
प्रशासन पर एक पक्षीय कार्रवाई का आरोप
जिला प्रशासन की जांच दिशाहीन और निराधार है। पूर्व जांचें और उच्च न्यायालय के आदेश ताक पर रखकर प्रशासन एक पक्षीय कार्यवाही कर रहा है। यह हजारों खाटू भक्तों की आस्था के केंद्र खाटू मंदिर के साथ-साथ 32 हजार गरीब-मजदूरों के आशियानों को उजाड़ने की साजिश है.. यह कहना था जॉन्स मिल संघर्ष समिति से जुड़े व्यापारियों और क्षेत्रीय निवासियों का। वे बुधवार को प्रतिष्ठान बंद करके जनप्रतिनिधियों के द्वार न्याय की गुहार लगाने पहुंचे थे। उन्होंने इस क्रम में राज्य मंत्री चौधरी उदय भान सिंह, सांसद प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल और राष्ट्रीय महापौर परिषद के अध्यक्ष महापौर नवीन जैन जी को ज्ञापन दिया। साथ ही, क्षेत्रीय विधायक योगेंद्र उपाध्याय और राम प्रताप सिंह चौहान जी से भी उनके निवास पर मुलाकात कर हक और न्याय की लड़ाई में साथ देने का अनुरोध किया।

जनप्रतिनिधि आए साथ
महापौर नवीन जैन ने व्यापारियों से कहा कि प्रशासन की कार्यवाही गलत है। अगर खरीदने वाला भूमाफिया है तो बैनामा की प्रक्रिया में शामिल सारे अधिकारी भी भू माफिया की श्रेणी में आते हैं। उन पर भी कार्यवाही की जानी चाहिए।
सांसद एसपी सिंह बघेल ने इस मुद्दे को मुख्यमंत्री के समक्ष और लोकसभा में उठाने का आश्वासन दिया और कहा कि प्रशासन की जांच में चूक हुई है।
विधायक रामप्रताप चौहान ने भी पूर्ण सहयोग का वादा करते हुए विधानसभा में इस मुद्दे को उठाने की बात कही। उन्होंने सवाल किया कि इससे पूर्व की जांच क्यों नहीं मानी जा रही हैं।
विधायक योगेंद्र उपाध्याय ने हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आर्डर का हवाला देकर कहा कि इसमें क्रेता-विक्रेता का कोई दोष नहीं है। उन्होंने भूमि खरीदने और बेचने के लिए आवश्यक प्रपत्र दिए हैं और जरूरी कार्रवाई पूरी की है। 40 साल से प्रशासन पूर्ण फीस लेकर बैनामा कर रहा है। फिर उन्हीं बैनामों को अब किस आधार पर शून्य घोषित किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन द्वारा व्यापारियों को नोटिस देने और जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक न करने पर आपत्ति जताई।

राज्यमंत्री चौधरी उदयभान सिंह ने कहा कि शीघ्र ही जॉन्स मिल संघर्ष समिति और प्रशासन के साथ माथुर वैश्य सभागार में एक बैठक कर इस समस्या का हल किया जाएगा। उन्होंने व्यापारियों को यह भी जानकारी दी कि आज कलेक्ट्रेट में मुख्यमंत्री के साथ ऑनलाइन हुई बैठक के बाद अधिकारियों को विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, राज्य मंत्री जी एस धर्मेश और उन्होंने मिलकर व्यापारियों के साथ न्याय करने की मांग की है।

ये रहे शामिल..
इस दौरान संरक्षक बृजमोहन अग्रवाल, दयानंद नागरानी, मोहम्मद आरिफ, पंकज बंसल, हर्ष गुप्ता, ध्रुव वशिष्ठ, अतुल बंसल, अरुण गुप्ता, मनोज अग्रवाल, आनंद मंगल, विशाल बंसल, राजू राठौर और रविंद्र गोयल प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
यह है मामला
आगरा में 19 जुलाई 2020 को जोंस मिल में बम धमाका हुआ था। मामला प्रोपर्टी पर कब्जा को लेकर था, इस मामले में डीएम प्रभु एन सिंह ने एडीएम प्रशासन निधि श्रीवास्तव की अध्यक्षता में जांच के लिए कमेटी गठित की, इस कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।
वर्तमान में राजस्व अभिलेखों में 100- 15 -5 बीघा भूमि जोंस परिवार के नाम खेवटों में दर्ज है
ये है प्रशासन की रिपोर्ट
विभिन्न शर्तों के अधीन जोंस परिवार को 8. 834 एकड भूमि कलक्टर राज्य सरकार द्वारा दी गई।
राज्य सरकार के नोटिफिकेशन 16 नवंबर 1949 के द्वारा जोंस मिल की संपत्ति अधिक्रत नियंत्रक नियुक्त करते हुए समस्त चल अचल संपत्ति के किसी भी हितबदृध व्यक्ति द्वारा किसी भी प्रकार के हस्तांतरण पर रोक लगा दी गई थी।
उच्च न्यायालय के आदेश 2 दिसंबर 1949 के द्वारा जोंस मिल की अचल संपत्ति के अंतरण को बिना अधिक्रत नियंत्रक के निषिदृध कर दिया गया था
दिल्ली से जीवनीमंडी तक एक नहर थी, इस नहर से व्यापार होता था, सिचाई विभाग और नगर निगम की जांच में नहर की 48319.90 वर्ग मीटर जमीन पर कब्जा मिला है। नहर को पाटकर 90 फीसद जमीन पर कब्जा हो चुका है। सुल्तानगंज की पुलिया फ्लाईओवर, भगवान टाकीज फ्लाईओवर, पीएनसी के साथ ही न्यू आगरा थाना व अन्य मकान बन गए हैं।
आस्था सिटी सेंटर की जमीन, तीन पेट्रोल पंप, दो दर्जन मल्टीस्टोरी बिल्डिंग, दो हजार मकान, 1500 दुकानें, सौ गोदाम और डेढ़ दर्जन धार्मिक स्थल सरकारी जमीन पर बने हुए हैं। खसरा नंबर 2072 पर जीवनी मंडी पुलिस चौकी की जमीन है। इसका रकबा 1840 वर्ग मीटर है। वर्ष 1890 के दस्तावेजों के अनुसार यह जमीन पुलिस चौकी की है लेकिन इसके बाद भी जमीन पर जैन मार्केट सहित अन्य बन गए हैं।


भूमाफिया की श्रेणी में
जोंस मिल क्षेत्र स्थित भूमि के अंतरण हेतु जिम्मेदार स्वर्गीय हरीलाल पाटनी के वारिस, स्वर्गीय मुन्नीलाल मेहरा के वारिस, मैसर्स गंभीरमल पाडया लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर आदि तथा भूमि अंतरण कार्य में मुख्य रूप से षणयंत्रकारी सहयोगी रहे राजेंद्र जैन उर्फ रज्जो जैन, हेमेंद्र अग्रवाल उर्फ चुनमुन व सरदार कंवलजीत सिह भूमाफिया की श्रेणी में आते हैं, इनके खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित की जाए।
जोंस मिल स्थित समस्त भूमि के क्रय विक्र एवं निर्माण कार्य पर रोक
जोंस मिल स्थित समस्त भूमि के क्रय विक्र एवं निर्माण कार्य पर लगाइ गई रोक को प्रकरण के अंतिम निस्तारण तक शासकीय हित में जारी रखा जाना आवश्यक है, जिससे भूमियों को उनके मूल स्वरूप में स्थापित करने में उत्पन्न हो चुकीं जटिलताएं और ना बढें