आगरालीक्स.. आगारा के सबसे बडे जमीन घोटाले जोंस मिल प्रकरण में रिपोर्ट सौंपी, भूमाफियाओं ने कब्जाई सरकार की ढाई हजार करोड़ की जमीन, 48 हजार वर्ग मीटर जमीन पर कब्जा कर माल, दुकान, मकान और कार्यालय.
आगरा में 19 जुलाई 2020 को जोंस मिल में बम धमाका हुआ था। मामला प्रोपर्टी पर कब्जा को लेकर था, इस मामले में डीएम प्रभु एन सिंह ने एडीएम प्रशासन निधि श्रीवास्तव की अध्यक्षता में जांच के लिए कमेटी गठित की, इस कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।
ये सौंपी रिपोर्ट
वर्तमान में राजस्व अभिलेखों में 100- 15 -5 बीघा भूमि जोंस परिवार के नाम खेवटों में दर्ज है
विभिन्न शर्तों के अधीन जोंस परिवार को 8. 834 एकड भूमि कलक्टर राज्य सरकार द्वारा दी गई।
राज्य सरकार के नोटिफिकेशन 16 नवंबर 1949 के द्वारा जोंस मिल की संपत्ति अधिक्रत नियंत्रक नियुक्त करते हुए समस्त चल अचल संपत्ति के किसी भी हितबदृध व्यक्ति द्वारा किसी भी प्रकार के हस्तांतरण पर रोक लगा दी गई थी।
उच्च न्यायालय के आदेश 2 दिसंबर 1949 के द्वारा जोंस मिल की अचल संपत्ति के अंतरण को बिना अधिक्रत नियंत्रक के निषिदृध कर दिया गया था
दिल्ली से जीवनीमंडी तक एक नहर थी, इस नहर से व्यापार होता था, सिचाई विभाग और नगर निगम की जांच में नहर की 48319.90 वर्ग मीटर जमीन पर कब्जा मिला है। नहर को पाटकर 90 फीसद जमीन पर कब्जा हो चुका है। सुल्तानगंज की पुलिया फ्लाईओवर, भगवान टाकीज फ्लाईओवर, पीएनसी के साथ ही न्यू आगरा थाना व अन्य मकान बन गए हैं।
आस्था सिटी सेंटर की जमीन, तीन पेट्रोल पंप, दो दर्जन मल्टीस्टोरी बिल्डिंग, दो हजार मकान, 1500 दुकानें, सौ गोदाम और डेढ़ दर्जन धार्मिक स्थल सरकारी जमीन पर बने हुए हैं। खसरा नंबर 2072 पर जीवनी मंडी पुलिस चौकी की जमीन है। इसका रकबा 1840 वर्ग मीटर है। वर्ष 1890 के दस्तावेजों के अनुसार यह जमीन पुलिस चौकी की है लेकिन इसके बाद भी जमीन पर जैन मार्केट सहित अन्य बन गए हैं।
भूमाफिया की श्रेणी में
जोंस मिल क्षेत्र स्थित भूमि के अंतरण हेतु जिम्मेदार स्वर्गीय हरीलाल पाटनी के वारिस, स्वर्गीय मुन्नीलाल मेहरा के वारिस, मैसर्स गंभीरमल पाडया लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर आदि तथा भूमि अंतरण कार्य में मुख्य रूप से षणयंत्रकारी सहयोगी रहे राजेंद्र जैन उर्फ रज्जो जैन, हेमेंद्र अग्रवाल उर्फ चुनमुन व सरदार कंवलजीत सिह भूमाफिया की श्रेणी में आते हैं, इनके खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित की जाए।
जोंस मिल स्थित समस्त भूमि के क्रय विक्र एवं निर्माण कार्य पर रोक
जोंस मिल स्थित समस्त भूमि के क्रय विक्र एवं निर्माण कार्य पर लगाइ गई रोक को प्रकरण के अंतिम निस्तारण तक शासकीय हित में जारी रखा जाना आवश्यक है, जिससे भूमियों को उनके मूल स्वरूप में स्थापित करने में उत्पन्न हो चुकीं जटिलताएं और ना बढें

