आगरालीक्स…आगरा में एक अंग्रेज कलक्टर की वजह से मिलती है कैलाश मेले की छुट्टी. यह स्थानीय अवकाश कई साल पुराना.
सावन के तीसरे सोमवार को आगरा का प्राचीनतम कैलाश मेला लगता है. शहर के प्रमुख शिवालयों में शुमार कैलाश महादेव मंदिर पर सोमवार को मेले का आयोजन होगा. इस मेले की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. झूले और चाट पकौड़ी की दुकानें भ सज गई हैं. रविवार को शाम चार बजे मेले का उद्घाटन किया जाएगा जो कि सोमवार को पूरे दिन तक चलेगा. कैलाश मंदिर के महंत बताते हैं कि यहां मेले की शुरुआत लगभग 200 साल पूर्व हुई थी. इस दिन स्थानीय अवकाश भी रहता है.
जानिए क्यों रहता है अवकाश
कैलाश मेले पर अवकाश की वजह एक अंग्रेज कलक्टर है. कहा जाता है कि एक बार अंग्रेज कलक्टर यहां मंदिर में पहुंचे थे. उनके कोई संतान नहीं थी. मंदिर के महंत के कहने पर उन्होंने यहां मन्नत मांगी. कैलश महादेव के आशीर्वाद से उनके घर संतान हुई तो उन्होंने कैलाश मेले पर स्थानीय अवकाश घोषित कर दिया. वहीं इतिहासविद् बताते हैं कि कैलाश मेले पर स्थानीय अवकाश काफी पुराना है. यहां पहले सिकंदरा में मेला लगता था. लट्ठबाज अपने दांव पेच दिखाया करते थे.