
महंत प्रकाश गिरि ने बताया कि मंदिर के पट रविवार रात करीब 2.30 बजे से ही खुल गए थे। सोमवार रात करीब 12 बजे तक बेल पत्र, जल, गंगाजल आदि से अभिषेक और महारुद्राभिषेक कार्यक्रम चलेंगे। मन्दिर के महंत महेश गिरी के अनुसार कैलाश मन्दिर में दो शिवलिंग हैं जो की आपको कहीं और नही दिखेंगे।
कैलाश मंदिर की विशेषता शिवलिंग पर चांदी का मुखौटा है जो हर 12 साल में एक बार बदला जाता है। मन्दिर का इतिहास सतयुग का है जब भगवान परशुराम अपने पिता के साथ, भोलेनाथ की आराधना करने के लिए कैलाश पर्वत पर रहते थे। रेणुकाधाम लौटते समय भगवान शिव ने दो शिवलिंग दिए थे। पिता के साथ आते समय परशुराम जी आराम के लिए यमुना किनारे रुके भगवान के शिवलिंग को इस स्थान पर रख दिया और जब उन्होंने जाने के समय शिवलिंग उठाने का प्रयास किया तो वह उठा नहीं। तब से यहां मंदिर है। सावन के तीसरे सोमवार को कैलाश मन्दिर में दुग्ध और बेलपत्र चढ़ा कर दर्शन करने से सारे दुख दूर होते हैं। हाथ में फूल, बेलपत्र, दूध व प्रसाद लिए बढ़े चले जा रहे थे।
ट्रैफिक अलर्ट
एसपी ट्रैफिक राजेश कुमार सिंह ने अलर्ट किया है कि सिकनदरा एनएच टू पर मेले के कारण वाहनो का डाइवर्जन है जिसकी वजह से रोड पर वाहनो का दबाव है कृपया सायंम रखे और एनएच टू पर जाने से बचे बैकल्पिक मार्गो का प्रयोग करे। ट्रेफिक के नियमो का पालन करे विपरीत दिशा में वाहन न चलाये ।
ड्रोन से कैलाश मंदिर की निगरानी
वहीं,सुरक्षा के लिहाज से कैलाश मंदिर की ड्रोन से निगरानी की जा रही है, यहां आने वाले लोगों पर ड्रोन से पुलिस नजर रख रही है। वहीं, जगह जगह पर बैरियर लगाए गए हैं, जिससे मंदिर आने वाले भक्तों को कोई समस्या ना हो।
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