Thursday , 4 June 2026
Home अध्यात्म Kharmas from 15th December: If you have to do any auspicious work then finish it soon, there will be a break of one month, know what is the importance
अध्यात्मटॉप न्यूज़देश दुनियाबिगलीक्स

Kharmas from 15th December: If you have to do any auspicious work then finish it soon, there will be a break of one month, know what is the importance

348

आगरालीक्स..शुभ कार्य करने हैं तो जल्दी निपटा लें, वरना एक माह का लगेगा ब्रेक। खरमास 15 दिसंबर से लगेगा, जो 14 जनवरी तक चलेगा। जानें विस्तार से।

सूर्य का बृहस्पति की धनुराशि में होगा गोचर

श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान एवं गुरु रत्न भण्डार वाले ज्योतिषाचार्य पंडित हृदय रंजन शर्मा के मुताबिक सूर्य के बृहस्पति की धनुराशि में गोचर करने से खरमास शुरू होता है। यह स्थिति मकर संक्रान्ति तक रहती है।

शादी-विवाह मांगलिक कार्य हो जाते हैं निषेध

इस कारण मांगलिक कार्य नहीं होते है। जैसे ही सूर्य धनु राशि में प्रवेश करता है तभी से खरमास आरम्भ हो जाता है। इसी के साथ शादी विवाह एवं अन्य मांगलिक कार्य निषेध हो जाते हैं। इस माह में सूर्य धनु राशि का होता है। ऐसे में सूर्य का बल वर को प्राप्त नहीं होता।

खरमास लगने और समाप्ति का समय

इस वर्ष 15 दिसंबर 2024 की रात्रि 10:11 से 14 जनवरी 2025 की सुबह 08: 56 मिनट तक सूर्य के मकर राशि मे प्रवेश करने तक तक खरमास रहेगा। वर को सूर्य का बल और वधु को बृहस्पति का बल होने के साथ ही दोनों को चंद्रमा का बल होने से ही विवाह के योग बनते हैं। इस पर ही विवाह की तिथि निर्धारित होती है।

सभी प्रकार के मांगलिक कार्यों पर लगता है ब्रेक

खरमास शुरू हो जाने से विवाह संस्कारों पर एक माह के लिए रोक लग जाएगी। साथ ही अनेक शुभ संस्कार जैसे जनेऊ संस्कार, मुंडन संस्कार, गृह प्रवेश भी नहीं किया जाएगा। हमारे भारतीय पंचांग के अनुसार सभी शुभ कार्य रोक दिए जाएंगे। खरमास कई स्थानों पर मलमास के नाम से भी विख्यात है।

साल में दो बार मलमास आता है

हिन्दू धर्म ग्रंथों में इस पूरे महीने में किसी भी शुभ कार्य को करने की मनाही है। जब गुरु की राशि धनु में सूर्य आते हैं तब खरमास का योग बनता है। वर्ष में दो मलमास पहला धनुर्मास और दूसरा मीन मास आता है। यानी सूर्य जब-जब बृहस्पति की राशियों धनु और मीन में प्रवेश करता है तब खर या मलमास होता है क्योंकि सूर्य के कारण बृहस्पति निस्तेज हो जाते हैं।

उत्तर भारत में है इसे ज्यादा मान्यता

इसलिये सूर्य के गुरु की राशि में प्रवेश करने से विवाह संस्कार आदि कार्य निषेध माने जाते हैं। विवाह और शुभ कार्यों से जुड़ा यह नियम मुख्य रूप से उत्तर भारत में लागू होता है जबकि दक्षिण भारत में इस नियम का पालन कम किया जाता है। मद्रास, चेन्नई, बेंगलुरू में इस दोष से विवाह आदि कार्य मुक्त होते हैं

खरमास में व्रत का महत्व

जो व्यक्ति खरमास में पूरे माह व्रत का पालन करते हैं उन्हें पूरे माह भूमि पर ही सोना चाहिए. एक समय केवल सादा तथा सात्विक भोजन करना चाहिए. इस मास में व्रत रखते हुए भगवान पुरुषोत्तम अर्थात विष्णु जी का श्रद्धापूर्वक पूजन करना चाहिए तथा मंत्र जाप करना चाहिए.  श्रीपुरुषोत्तम महात्म्य की कथा का पठन अथवा श्रवण करना चाहिए. श्री रामायण का पाठ या रुद्राभिषेक का पाठ करना चाहिए. साथ ही श्रीविष्णु स्तोत्र का पाठ करना शुभ होता है।मास के आरम्भ के दिन श्रद्धा भक्ति से व्रत तथा उपवास रखना चाहिए. इस दिन पूजा – पाठ का अत्यधिक महात्म्य माना गया है. इसमास मे प्रारंभ के दिन दानादि शुभ कर्म करने का फल अत्यधिक मिलता है. जो व्यक्ति इस दिन व्रत तथा पूजा आदि कर्म करता है वह सीधा गोलोक में पहुंचता है और भगवान कृष्ण के चरणों में स्थान पाता है।

खरमास की समाप्ति पर यह करना होता है

खरमास की समाप्ति पर स्नान, दान तथा जप आदि का अत्यधिक महत्व होता है. इस मास की समाप्ति पर व्रत का उद्यापन करके ब्राह्मणों को भोजन कराना चाहिए और अपनी श्रद्धानुसार दानादि करना चाहिए। इसके अतिरिक्त एक महत्वपूर्ण बात यह है कि खरमास माहात्म्य की कथा का पाठ श्रद्धापूर्वक प्रात: एक सुनिश्चित समय पर करना चाहिए।

दान पुण्य का भी है महत्व

इस मास में रामायण, गीता तथा अन्य धार्मिक व पौराणिक ग्रंथों के दान आदि का भी महत्व माना गया है. वस्त्रदान, अन्नदान, गुड़ और घी से बनी वस्तुओं का दान करना अत्यधिक शुभ माना गया है

Written by
Agraleaks Team

AgraLeaks is a prominent digital news platform dedicated to delivering timely and reliable news from Agra and the surrounding regions. Established over a decade ago, AgraLeaks has become a trusted source of local journalism, covering a wide range of topics including city news, politics, education, business, sports, health, and cultural events. Its mission is to keep citizens informed and connected with developments that directly impact their community. With a strong focus on hyperlocal reporting, AgraLeaks provides real-time updates on important incidents, civic issues, public events, and government initiatives. Over the years, it has built a reputation for fast reporting and comprehensive coverage, making it one of the most recognized local news portals in Agra. The platform also features regional, national, and international news to offer readers a broader perspective beyond the city. Driven by the principle “Apki Khabar Hamari Nazar” (Your News, Our Watch), AgraLeaks continues to serve as a vital voice of the city, empowering readers with accurate information and strengthening the local media ecosystem through digital journalism.

Related Articles

बिगलीक्स

Agra Live News: A new city will be built in Agra, modeled after Delhi-NCR. The UP Cabinet has approved crores of rupees for the new city…#agranews

आगरालीक्स…दिल्ली एनसीआर की तर्ज पर आगरा में बनेगा नया शहर. ग्रेटर आगरा...

टॉप न्यूज़

Agra Live News: A regional knowledge center will be set up in the university to find out the cause of pollution in Agra…#agranews

आगरालीक्स…आगरा में प्रदूषण किस कारण से बढ़ रहा है, बढ़ते वाहन, निर्माण...

बिगलीक्स

Agra Weather: Monsoon arrives in the Keralam. Temperatures in Agra exceeded 40 degrees today…#agranews

आगरालीक्स…देश में मानसून की दस्तक. केरल में झमाझम बारिश. दिल्ली मे तेज...

आगराटॉप न्यूज़बिगलीक्स

Agra News : A senior advocate and environmental activist from Agra stated that the current system is actually discouraging farmers from planting trees—read why ?

आगरालीक्स…ताज क्षेत्र का वनावरण मात्र 3.38 प्रतिशत, फिर भी किसानों को पेड़...

error: Content is protected !!