
इसके बाद जैसे तैसे दीप्ति ने घरवालों को फोन कर अपनी लोकेशन बताई। ग़ाज़ियाबाद के कप्तान धर्मेन्द्र यादव ने कहा अभी इन सारी कड़ियों को जोड़ा जा रहा है। दीप्ति का मेडिकल भी होगा।
4 बदमाश दीप्ति को चाकू की नोक पर अपहरण कर ले गए और 2 घंटे तक गाड़ी में घुमाया। इसके बाद दीप्ति को किसी बंद कमरे में रखा गया। जहां उसको ठीक तरह से रखा गया और खाने पीने का भी धयान रखा गया।
किडनैप करने वालो ने परिवार वालो से भी कोई फिरोती की मांग नहीं की और ना ही परिवार की कोई दुश्मनी थी। शुक्रवार सुबह किडनैपर दीप्ति को कुछ पैसे देकर एक अनजान जगह पर छोड़कर चले गए।
पुलिस इस मामले में अभी जाच करके ही स्थिति को साफ कर पाएगी कि अपहरण क्यों हुआ और कैसे। ये सब अभी जाँच में आएगा।
ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी स्नैपडील में सॉफ्टवेयर इंजीनियर दीप्ति (23) बुधवार की रात गाजियाबाद के वैशाली से घर जा रही थी। इस दौरान उसने अपने पिता को फोन कर लेने आने के लिए कहा।पिता समय से उसे लेने पहुंच भी गए थे लेकिन वह नहीं आई। इसके बाद पुलिस को इसकी खबर दी गई। पुलिस महकमा दीप्ति की तलाश में उस वक्त और सक्रीय हो गया जब खुद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्वीट कर गाजियाबाद के एसएसपी धर्मेंद्र सिंह को दीप्ति की तलाश करने के लिए कहा है।मुख्यमंत्री के इस ट़वीट के बाद पुलिस-प्रशासन हरकत में आ गया। मेरठ जोन के आईजी भी शाम को गाजियाबाद पहुंचे और मोरटी के जंगलों की खाक छानी।
पुलिस के मुताबिक बुधवार की रात दीप्ति वैशाली मेट्रो से अपने घर कविनगर के लिए चली थी। इस दौरान वह अपने पिता से फोन पर बात कर रही थी। हिंडन पुल के पास अचानक ही दीप्ति ने फोन पर पिता को बताया कि ऑटो चालक उसे गलत रास्ते पर ले जा रहा है। इसके बाद उसका फोन कट गया।
पुलिस ने रात में ही दीप्ति को काफी तलाश किया, मगर उसका कुछ पता नहीं चला। पुलिस ने सर्विलांस का सहारा लिया तो दीप्ति के मोबाइल की लोकेशन मोरटी के जंगलों तक मिली। बृहस्पतिवार सुबह एसएसपी धर्मेंद्र सिंह कई थानों की फोर्स के साथ मोरटी गांव पहुंचे। मोरटी गांव में दीप्ति की तलाश की गई, नंदग्राम, राजनगर एक्सटेंशन और वैशाली मेट्रो स्टेशन के रूट पर चलने वाले 100 से अधिक ऑटो चालकों से पूछताछ की गई।
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