आगरालीक्स …अस्थमा के 3.4 करोड़ मरीज आगरा में, दवा छोड़ने से बिगड़ रही बीमारी।

अस्थमा दिवस पर मंगलवार को एसएन मेडिकल कॉलेज में जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। क्षय एवम् वक्ष रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. गजेन्द्र विक्रम सिंह, प्रोफेसर डॉ. सन्तोष कुमार, डॉ. सचिन कुमार गुप्ता मरीजों को अस्थमा के कारण बचाव व इलाज के बारे में विस्तृत जानकारी देगें। आज कैम्प में क्षय एवं वक्ष रोग विभाग में आयोजित इस जन जागरूकता कार्यक्रम में करीब 300 मरीजों को परीक्षण किया गया तथा 80 मरीजों की स्पाइरोमेट्री की जाँच निशुल्क की गई। इस अवसर पर लगभग 120 से भी अधिक मरीजों को इनहेलर लेने की सही जानकारी दी गई।
प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. गजेन्द्र विक्रम सिंह के अनुसार विश्व में अस्थमा के लगभग 26 करोड़ रोगी है जिसमें से करीब 3.4 करोड़ अकेले भारत में हैं। अस्थमा को पूर्णतः नियन्त्रित किया जा सकता है, इसके बावजूद अस्थमा से होने वाली मृत्यु दुर्भाग्यपूर्ण है। विभागाध्यक्ष डॉ. गजेन्द्र विक्रम सिंह ने बताया कि अस्थमा के मरीज इलाज शुरू करने के बाद थोड़ी राहत मिलते ही इलाज को बंद कर देते हैं और ऐसे मरीजों की संख्या 90 प्रतिशत तक है। उन्होंने यह भी अवगत कराया कि समाज में अभी भी इस रोग को लेकर जागरूकता की बेहद कमी है और इसीलिए इस तरह के कैम्प समाज के लिए हितकर होते है साथ ही उन्होंने अस्थमा लक्षण, कारण एवं निदान की जानकारी दी।
प्रोफेसर डॉ. संतोष कुमार ने मरीजों को बेहद सरल भाषा में समझाया कि किस प्रकार हमारे आस पास का प्रदूषण और वातावरण अस्थमा को प्रभावित कर सकता है। कैम्प में मौजूद रहे डॉ० सचिन गुप्ता के अनुसार अभी भी समाज में इन्हेलर को लेकर अनेक भ्रांतियाँ हैं उन्हें दूर करने के बेहद आवश्यकता है। कैम्प मे सरोजिनी नायडू मेडिकल कालेज, आगरा के क्षय और यक्ष रोग विभाग के सारे रेजीडेन्टस चिकित्सकों ने भी मरीजों को अस्थमा से सम्बन्धित जानकारी दी। इस अवसर पर रेजीडेन्ट डाक्टर डॉ. अश्विन यादव, डॉ. अर्पिता, डॉ. मनोज मौजूद रहे।