आगरालीक्स… आगरा में रियल एस्टेट के बडे कारोबारी निखिल होम्स के डायरेक्टर शैलेंद्र अग्रवाल की कोठी की कुर्की करने पुलिस पहुंच गई है। फ्लैट के नाम पर धोखाधडी में 33 मुकदमे दर्ज हैं, ऐसे में गुरुवार दोपहर में पुलिस निर्भय नगर स्थित शैलेंद्र अग्रवाल की कोठी पर पहुंची और कुर्की की कार्रवाई शुरू की।
आगरा में पिछले पांच सालों में रियल एस्टेट मार्केट में बूम आया था, बिल्डर्स ने नई कॉलोनी बनाई, कॉलेनी की लांचिंग के साथ ही फ्लैट की बुकिंग शुरू कर दी और प्राचार प्रसार में मोटा पैसा खर्च किया। एक प्रोजेक्ट पूरा होता उससे पहले दूसरे प्रोजेक्ट का काम शुरू कर दिया। इस तरह बिल्डर्स का पैसा फंसता चला गया, इस क्षेत्र में मंदी आने के बाद बिल्डर्स ने बुकिंग होने के बाद भी कर्ज चुकाने के लिए दूसरे लोगों को फ्लैट की बिक्री कर दी। इस तरह के मामले में आगरा के आधा दर्जन बिल्डर्स पर धोखाधडी के मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
निखिल होम्स के संचालक के घर छापा
निखिल होम्स के संचालक शैलेंद्र अग्रवाल के कई प्रोजेक्ट में फ्लैट बुक कराने वाले लोगों ने धोखाधडी का मुकदमा दर्ज कराया है। इसके साथ ही जमीन कब्जाने के मुकदमे भी दर्ज हैं। पुलिस ने शैलेंद्र अग्रवाल के निर्भय नगर स्थित कोठी में कुर्की की कार्रवाई की।
साले को पुलिस ने किया था अरेस्ट
आगरा में भू माफिया चिन्हित किए गए हैं, इन्हें अरेस्ट करने के लिए पुलिस पर दबाव बढ रहा है। ऐसे में बुधवार को न्यू आगरा पुलिस ने बल्केश्वर के किशन नगर में दबिश दी। निखिल होम्स के मालिक शैलेंद्र अग्रवाल के साले शैलेंद्र अग्रवाल को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपित खुद को बेगुनाह बता रहा है।
10 हजार रुपये की नौकरी
शैलेंद्र अग्रवालवह घर पर ही मौजूद था। फरार नहीं हुआ था। जीजा के ऑफिस में नौकरी करता था। उसे दस हजार रुपये महीना मिला करते थे। शैलेंद्र की सगी बहन बबिता की शादी शैलेंद्र अग्रवाल के साथ हुई है। गिरफ्तार शैलेंद्र ने बताया कि बहन की शादी बीस साल पहले हुई थी। उस समय जीजा संजय प्लेस में ठेकेदारी करते थे। उनके पास सिर्फ एक स्कूटर था। धीरे-धीरे बिल्डर बने। प्रोजक्ट बनाए। पिछले दो साल से मुसीबतों ने घेर लिया। प्रोजक्ट पर एडीए ने सील लगा दी। निवेशक तगादा करने लगे। जिन्होंने फ्लैट बुक कराए थे। उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। एक-एक करके कई मुकदमे दर्ज हो गए। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार शैलेंद्र के खिलाफ हरीपर्वत, सिकंदरा और न्यू आगरा थाने में 14 मुकदमे दर्ज हैं। सभी मुकदमे धोखाधड़ी के हैं। कई मामले कोर्ट में भी चल रहे हैं। गिरफ्तार आरोपित से मुख्य आरोपित के बारे में पूछा जा रहा है। पुलिस को कुछ सुराग भी मिले हैं।