आगरालीक्स…आगरा के सेंट जोंस कॉलेज में खुला लर्निंग डिसएबिलिटी डायग्नोस्टिक एंड काउंसलिंग सेंटर. डिस्लेक्सिया समेत अन्य लर्निंग दिक्कतों की होगी जांच और मिलेगा परामर्श. तारे जमीं पर के निदेशक अमुल गुप्ते ने भेजा संदेश.
विश्व विकलांगता दिवस पर सेंट जोंस कॉलेज के मनोविज्ञान विभाग में खुले इस सेंटर का उद्घाटन डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अशोक मित्तल ने किया. इस अवसर पर फिल्म तारे जमीं पर के निदेशक अमोल गुप्ते का एक वीडियो संदेश भी दिखाया गया. सेंटर की स्थापना में रोटरी क्लब आफ आगरा और पूर्व विधायक राजा महेंद्र अरिदमन सिंह का सहयोग रहा.
डिस्लेक्सिया पर की चर्चा
क्लब के अध्यक्ष डा. आलोक गुप्ता ने छोटे बच्चों में डिस्लेक्सिया की वजह से होने वाले मनोवैज्ञानिक प्रभाव का ज़िक्र किया. उत्तर प्रदेश के डिसएबिलिटी सेंटर के कमिश्नर एसके श्रीवास्तव ने सेंटर के संचालन के लिए सुझाव भी दिए. डा. आरएल भारद्वाज ने डिस्लेक्सिया की पहचान के लिए टेस्ट बनाए हैं, वे भी इस सेंटर के लिए जुड़े रहेंगे. कालेज प्रबंध समिति के अध्यक्ष बिशप हाबिल ने नेक काम के लिए आशीष वचन दिए. राम चैरिटेबल ट्रस्ट की तरफ से आए विनोद मित्तल ने भी इस समस्या के लिए जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया.
कुलपति ने यादें की ताजा
कुलपति प्रो. अशोक मित्तल ने 50 साल पहले इस कालेज में बिताए अपने छात्र जीवन को याद किया. प्रो. मित्तल की धर्मपत्नी ऊषा मित्तल भी इस दौरान उपस्थित रही. राजा महेंद्र अरिदमन सिंह ने कहा कि डिस्लेक्सिया से पीड़ित बच्चे हमेशा हीन भावना में घिरे रहते हैं.
ये रहे मौजूद
इससे पूर्व कालेज प्राचार्य डा. एसपी सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया. संचालन डा. प्रियंका मसीह ने किया. डा. वंदना पाटनकर, डा. विन्नी जैन, डा. राजीव फिलिप, डा. दिनेश लाल, डा. सुसान वर्गीज आदि उपस्थित रहे.