आगरालीक्स…… ताजमहल पर रात में लाइटिंग से संगमरमरी हुस्न को नुकसान होगा, एएसआई की इस रिपोर्ट पर केंद्रीय मेंत्री बोले लापरवाह और कामचोर अधिकारी, एक्सपर्ट कमेटी से कराएंगे स्टडी।

ये है मामला
पिछले सप्ताह केंद्रीय संस्कृति मंत्री मीनाक्षी लेखी आगरा आई थी, उन्होंने एएसआई के अधिकारियों से रात में ताजमहल पर लाइटिंग के प्रस्ताव पर रिपोर्ट मांगी थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी एएसआई ने अपनी रिपोर्ट दाखिल की है। इसमें लाइटिंग से ताजमहल और एत्माउददौला स्मारक के संगमर के बने होने पर कीट पतंगों के आने और कीट पतंगों के कारण संगमरमर को नुकसान होने की रिपोर्ट दी है। इसके बाद से ताजमहल पर रात में लाइटिंग का प्रस्ताव अटक गया है।
19 साल पहले की गई लाइटिंग पर हुई स्टडी की दी रिपोर्ट
2004 में ताज वर्ष मनाया गया था, इस दौरान संगमरमर से बने एत्माउददौला में लाइटिंग की गई थी। एएसआई रसायन शाखा के तत्कालीन डिप्टी सुपरिटेंडेंट आर्कियोलॉजिस्ट एनके समाधिया ने स्टडी की थी। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में लिखा था कि लाइटिंग से पर्यावरण बदलने से जोड़ने वाला मसाला, संगमरमर को नुकसान होता है। इसके साथ ही डस्ट जमा होने से सतह खुरदरी हो जाती है। स्टडी में यह भी पाया गया कि लाइटिंग से कीड़ों के लार्वा, म्रत शरीर से मार्बल पर गहरे धब्बे पड़ गए, इससे सल्फर आक्सीडाइजिंग बैक्टीरिया, फंगाई, एल्गी और लाइकेन को बढ़ावा मिला।
केंद्रीय मंत्री बोले, कराएंगे लाइटिंग का ग्लोबल टेंडर
इस मामले में आगरा के सांसद व केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल का मीडिया से कहना है कि लापरवाह और कामचोर अधिकारियों का काम ही निगेटिव रिपोर्ट देना है। एएसआई के अधिकारी लाइट और साउंड के एक्सपर्ट नहीं है। अध्ययन पुराना है, दिल्ली से एक्सपर्ट कमेटी भेजेंगे, लाइटिंग का ग्लोबल टेंडर कराएंगे। अब ऐसी तकनीकी है कि सॉफ्ट लाइट में कीट पतंगे नहीं आएंगे।