आगरालीक्स …आगरा में सूर्य ग्रहण दिखाई देने लगा है, सूर्य और पृथ्वी के बीच चंद्रमा आ गया है, सूर्य का आकार धीरे धीरे बदल रहा है, अलौकिक है ज्योतिष और वैज्ञानिक पहलू
आगरा में सूर्य ग्रहण 3 घंटे 25 मिनट तक रहेगा, कितने बजे सूर्य ग्रहण शुरू होगा, क्या है वैज्ञानिक पहलू, किस राशि पर क्या असर, क्या करें, क्या ना करें।
आगरा में कुछ ही देर बाद सूर्य ग्रहण शुरू हो जाएगा। ज्योतिषाचार्य राम शास्त्री गोवेर्धन ने बताया कि संवत 2077 आषाढ़ कृष्ण पक्ष 30 अमावस्या रविवार तारीख 21 जून 2020 को होगा। ग्रहण 10 बजकर नौ मिनट पर शुरू होगा और दोपहर एक बजकर 50 मिनट तक खत्म होगा। मगर, आगरा में सूर्यग्रहण 10 2 से शुरू होगा, यह 1 बजकर 52 मिनट तक रहेगा, इस तरह सूर्य ग्रहण 3 घंटे 25 मिनट तक रहेगा।
राशियों पर असर
मेष , सिंह , कन्या , मकर राशि हेतु दर्शन शुभ ।
बृषभ , तुला , धनु , कुम्भ , राशि हेतु दर्शन सामान्य मध्यम फल एवं
मिथुन , कर्क , वृश्चिक , मीन राशि हेतु नेष्ट अशुभ दर्शन योग्य नही ,,
क्या करें क्या न करें
अन्न वस्त्र भूषण ग्रहः सामग्री में कुशा या तुलसी दल रख दे, पशु एवं जीव पर गेरू के थापे लगाएं
ग्रहणजन्य दूषित समय को स्वाध्याय, भगवत भजन , कीर्तन स्मरण में व्यतीत करना चाहिए ,,
ग्रहण आरम्भ से पूर्व स्नान करें
ग्रहण आरम्भ होने पर हवन मन्त्र जप आदि करें
ग्रहण समाप्त होते समय दान करें
ग्रहण उपरांत पुनः स्नान करें घर की साफ सफाई गंगाजल से घर पवित्र करें देव दर्शन करें कुछ खान पान आदि करें,
सूर्य और पृथ्वी के बीच चंद्रमा आने पर सूर्यग्रहण
दरअसल, सूर्य की परिक्रमा पृथ्वी लगाती है और पृथ्वी की परिक्रमा चंद्रमा, ऐसे में जब
सूर्य और पृथ्वी के बीच चंद्रमा आता है तो चंद्रमा के पीछे सूर्य का बिंब कुछ समय के लिए ढक जाता है। इसे सूर्यग्रहण कहा जाता है।
आप अपनी राशि अनुसार यथाशक्ति दान कर सकते है दान सामग्री सूतक लगने से पहले ही निकाल कर रख लें,, समय व परम्परा अनुसार दान कर दें ,
मेष राशि के जातकों को सतक काल में हनुमान जी का प्रार्थना करते रहना चाहिए और इसके बाद दान के लिए कोई भी लाल रंग के अन्न को छू कर रख देना चाहिए। दान में मसूर की दाल, गेहूं या गुड़ अथवा लाल वस्त्र दिया जा सकता है। ग्रहण समाप्त होने पर आप इसे दान कर दें।
वृषभ राशि वालों को ग्रहण के बाद सफेद चीजों का दान करना चाहिए। चावल, चीनी, सफेद वस्त्र,दूध या दूध से बनी चीजें दान करनी चाहिए। ग्रहण काल में देवी लक्ष्मी के भजन अथवा मंत्र का जाप करते रहें।
मिथुन राशि को ग्रहण के बाद हरे रंग की वस्तु का दान करना चाहिए। हरा मूंग, हरी सब्जियां या हरा वस्त्र आदि दान आप कर सकते हैं। ग्रहण काल में विष्णु सहस्रनाम का पाठ करते रहें।
कर्क राशि वालों को भगवान शिव की अराधना सूतक काल में करनी चाहिए। साथ ही दान के लिए सफेद रंग की चीजों का ही प्रयोग करें। चांदी, दूध, चावल, चीनी या सफेद कपड़े आदि दान करना श्रेयस्कर होता है।
सिंह राशि के जातकों को सूतक काल में सूर्य की पूजा करनी चाहिए और श्री आदित्यह्रदयस्त्रोत का पाठ करते रहना चाहिए। दान के लिए तांबे के सिक्के, गेंहू, कोई भी लाल फल आदि का दान किया जा सकता है।
कन्या राशि वालों को ग्रहण काल में रामरक्षास्त्रोत का पाठ करना चाहिए। ग्रहण के बाद हरे रंग से जुड़ी चीजों का दान किया जा सकता है। हरा मूंग, हरी इलायची, गाय के लिए हरा चारा या हरा वस्त्र का दान श्रेयस्कर होगा।
तुला राशि के जातकों को ग्रहण काल के दौरान श्रीसूक्त पाठ करना चाहिए। दान के लिए किसी मंदिर में पूजन सामग्री का दान करना चाहिए। इसमें धूप,दीप, अगरबत्ती या घी का दान किया जा सकता है।
वृश्चिक राशि के जातकों को हनुमानजी की आराधना ग्रहण काल में करनी चाहिए। बजरंगबाण का पाठ श्रेयस्कर होगा। साथ ही ग्रहण के बाद पीली वस्तुओं का दान करें। पीले वस्त्र, मिठाई, हल्दी, बेसन आदि का दान करना शुभ होगा।
धनु राशि वालों को भगवान विष्णु की आराधना ग्रहण में करनी चाहिए और दान के लिए पीली चीजों का प्रयोग करना चाहिए। बेसन, हल्दी, केसर, चने की दाल या मिठाई दान करें।
मकर राशि के जातकों को ग्रहण के समय सुंदरकांड का पाठ करना शुभ होगा और ग्रहण के बाद तिल, उड़द की दाल, सरसों आदि का दान करना चाहिए।
कुंभ राशि के जातकों को ग्रहणकाल में शनिदेव की आराधना करनी चाहिए। काली चीजों का दान ग्रहणक के बाद करें। मसाले, काले तिल, काली उरद आदि का दान किया जा सकता है।
मीन राशि के जातकों को श्रीरामचरितमानस के अरण्य काण्ड का पाठ करना श्रेयस्कर होगा। ग्रहण के बाद केले और चने की दाल का दान करना बेहतर होगा। साथ ही चिड़ियों के लिए दाना डालें।