नई दिल्लीलीक्स,.. सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा है कि पत्नी के आत्महत्या करने पर यह मानकर नहीं चला जा सकता कि उसने खुदकुशी पति के उकसाने पर ही की है।
इसके लिए स्पष्ट सबूत होने चाहिए। यह कहते हुए जस्टिस एनवी रमन की पीठ ने पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी पति को बरी कर दिया। गुरचरण और उसके माता-पिता को अपनी पत्नी की आत्महत्या के आरोप में आरोपित किया था। पंजाब हाईकोर्ट ने पति की अपील खारिज कर दी और ट्रायल कोर्ट के फैसले को सही ठहराया था। इस फैसले को गुरचरण ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में कहा कि आत्महत्या के लिए उकसाने का कोई सीधा सबूत नहीं है।