आगरालीक्स… आगरा मेें कार के पीछे वाली सीट पर बैंककर्मी पिता का शव और छत पर अर्थी, यह फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, बेटे रचित की दर्द भरी दास्तां।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आगरा के जयपुर हाउस काॅलोनी निवासी 67 साल के रिटायर बैंककर्मी योगेश जौहरी की तबीयत खराब होने पर 23 अप्रैल को खंदारी क्षेत्र के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वे अस्पताल में अपने पिता को भर्ती कराने के बाद घर लौट रहे थे, रास्ते में ही अस्पताल से फोन आ गया। डाॅक्टर ने बताया कि उनके पिता को हार्ट अटैक पडा है और कुछ देर बाद ही मौत हो गई। रचित जौहरी की मां भी कोरोना संक्रमित हैं और वे होम आइसोलेश में हैं।
कोरोना की दहशत, खुद ही किए सारे काम
23 अप्रैल को सुबह पिता की मौत हो गई, रचित ने हास्पिटल संचालक से एंबुलेंस उपलब्ध कराने के लिए कहा लेकिन उन्होंने नहीं दी। कोरोना की दहशत है, इसलिए अंतिम संस्कार में भी परिचित शामिल नहीं हो रहे हैं, परिवार के एक दो लोग ही अंतिम संस्कार के लिए पहुंच रहे हैं। रचित ने अपने पिता को कार की पीछे की सीट पर लिटा लिया। कार से अर्थी का सामान लेने के लिए एमजी रोड स्थित श्री क्षेत्र बजाजा कमेटी के कार्यालय पर पहुंचे। यहां से अर्थी का सामान लिया, अर्थी तैयार की, कोई साथ में नहीं था, इसलिए कार की छत पर ही अर्थी बांध ली।
पिता के शव को कार से अकेले लेकर पहुंचे श्मशान घाट
अर्थी छत पर बांधी, पिता के शव को कार के पीछे वाली सीट पर रखा और खुद ही कार लेकर श्मशान घाट पर पहुंच गए। श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया भी खुद ही की। कार की छत से अर्थी को नीचे उतारा, इसके बाद पिता का अंतिम संस्कार किया।
घर पर आक्सीजन का स्तर था सही, अस्पताल पहुंचते ही मौत
रचित जौहरी के पिता योगेश जौहरी की कई दिन से तबीयत खराब चल रही थे, वे घर पर थे और आक्सीजन का स्तर सही बना हुआ था। मगर, उनके पिता को दिल की बीमारी थी, परिचितों ने कहा कि अस्पताल में भर्ती कर दें। कई दिन प्रयास के बाद उन्हें खंदारी क्षेत्र के अस्पताल में बेड मिला, वहां भर्ती करने के कुछ देर बाद ही पिता का निधन हो गया।