
मंगलवार को केंद्रीय मंत्री मेनिका गांधी ने एक हजार बेड के स्टेट आॅपफ आर्ट विडो होम का शिलान्यास किया। यहां विधवाओं को वॉकेशनल ट्रेनिंग के साथ बेहतर जिंदगी जीने और चिकित्सीय सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
मैं 23 साल की उम्र में विधवा हो गई थी, बेटा 100 दिन का था
मेनिका गांधी ने कहा कि मैं एक विधवा होने का दर्द समझ सकती हूं, मैं 23 साल की उम्र में विधवा हो गई थी। मेरा बेटा 100 दिन का था। मुझे अभी भी यह सोच कर डर लगने लगता है।
व्रंदावन में देश भर की विधवाएं
मथुरा के व्रंदावन में देश भर से विधवाएं रहने के लिए आती हैं, लेकिन उनके रहने के लिए अच्छी व्यवस्थाएं नहीं हैं। उन्हें आश्रम में रहना पडता है, वहां उनकी जिंदगी संघर्ष के साथ गुजरती है। मथुरा में करीब 4500 विधवाएं रह रही हैं। वे यहां भजन करती हैं और जिंदगी काट रही हैं। उम्र बढने के साथ तमाम तरह के संक्रमण होने लगते हैं, लेकिन चिकित्सीय सुविधाएं नहीं मिलती हैं। इन्हें समाज में भी बराबरी का मौका मिलना चाहिए, इसके लिए विडो होम में ट्रेनिंग सेंटर भी खोले जाएंगे। इन सेंटरों में विधवाएं वॉकेशनल कोर्स की ट्रेनिंग लेने के बाद व्यवसाय कर सकेंगी। उन्हें दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पडेगा।
देश भर में बने हाथी संरक्षण केंद्र
मथुरा में यूपी सरकार के सहयोग से एसओएस वाइल्ड लाइफ द्वारा हाथी संरक्षण केंद्र संचालित किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री मेनिका गांधी ने संरक्षण केंद्र में हाथियों को देखा, वहां कुछ देर रहीं, उनकी व्यवस्थाएं देखी। उन्होंने कहा कि देश में इस तरह के कई और केंद्र बनाए जाने चाहिए।
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