आगरालीक्स….. सोफिया से प्रेरणा लेकर बना दी शालू, रोबोट शालू, 47 भाषाएं जानती है, बोलती और पढती है, गांव से निकले टीचर ने घर के कचरे से महज 50 हजार में बना दी शालू।
जौनपुर के रहने वाले हैं टीचर दिनेश पटेल
यूपी के जौनपुर के रजमलपुर गांव के रहने वाले टीचर दिनेश पटेल आईआईटी बोम्बे के केंद्रीय विद्यालय में कंप्यूटर साइंस के टीचर हैं। टीचर दिनेश पटेल ने 2017 में दुनिया के पहले रोबोटा सोफिया रोबेट से प्रभावित होकर ह्रयूमैनॉयड रोबोट बनाने की कल्पना की और काम में जुट गए। रोबोट का नाम उन्होंने दिल है तुम्हारा मूवी में प्रीति जिंटा के नाम शालू को लिया और शालू नाम से ह्रयूमैनॉयड रोबोट बनाना शुरू किया।

घर के कचरे से बनी शालू
शालू को बनाने के लिए टीचर दिनेश पटेल ने लकडी, गत्ता, एल्यूमीनियम, प्लास्टिक का इस्तेमाल किया और शालू को मूर्ति रूप दिया। उन्होंने शालू का चेहरा और कद काठी के महिला की तरह से तैयार की।
38 विदेशी भाषाएं जानती है
शालू रोबोट विदेश की 38 भाषाएं जानती है. यही नहीं वह देश की भोजपुरी, मराठी, गुजराती, मलयालम, नेपाल, उर्दू, तमिल, बंगला की भाषाएं भी बखूबी जानती है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह शालू रोबोट आम लोागें की तरह सारी एक्टिविटी करती है. जैसे किसी का चेहरा पहचानने, उसके साथ बात करने और सामान्य वस्तुओं की पहचान भी कर लेती है.