आगरालीक्स… मोक्षदा एकादशी व्रत 25 दिसंबर को मनाया जाएगा। इस दिन व्रत रखने से पापों का क्षय होता है और मोक्ष की प्राप्ति संभव होती है।
सनातन हिंदू धर्म में मोक्ष मनुष्य के जीवन का लक्ष्य माना जाता है। आत्मा कर्म अनुसार मनुष्य जीवन पाती है। इसका मुख्य उद्देश्य सत्कर्म कर मोक्ष की प्राप्ति है। इसलिए मानव जीवन को अन्य योनियों में सबसे अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। माना जाता है कि मोक्ष प्राप्ति को मनुष्य को बार-बार इस धरती पर आना पड़ता है। पद्म पुराण में मोक्ष की चाह रखने वाले प्राणियों के लिए मोक्षदा एकादशी व्रत रखने की सलाह दी गई है। इस व्रत का उद्देश्य पितरों को मुक्ति दिलाना भी है। इससे मनुष्यों के पूर्वजों को मोक्ष मिलता है।
व्रत विधि
मोक्षदा एकादशी के एक दिन पहले दशमी के दिन सात्विक भोजन करना चाहिए। सोने से पहले भगवान विष्णु का स्मरण करना चाहिए। मोक्षदा एकादशी के दिन सुबह स्नानादि से निवृत्त होकर घर को गंगाजल छिड़क कर घऱ को पवित्र करना चाहिए। पूजा में तुलसी के पत्तों को अवश्य शामिल करना चाहिए।