आगरालीक्स.. आगरा में दिल दहला देने वाली घटना, बंदर ने मां की गोद से 14 दिन के बच्चे को छीन लिया, बंदर ने बच्चे का मुंह चबा दिया, लोगों ने पीछा किया, बंदर बच्चे को छोड कर भाग गया। इससे 14 दिन के बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। बच्चे की मौत से कोहराम मचा हुआ है, इस घटना से लोग दहशत में हैं।
सिकंदरा के रुनकता में सोमवार रात नौ बजे योगेश की पत्नी नेहा 14 दिन के बेटे सनी को कमरे में दूध पिला रही थी। मेन गेट खुला था। कमरे का दरवाजा भी बंद नहीं था। अचानक बंदर आया। नेहा कुछ समझ पाती, इससे पहले ही बंदर ने बच्चे पर झपट्टा मारा और बच्चा छीन ले गया। उसके सामने ही बंदर ने दांतों से बच्चे की गर्दन पर काटा, बंदर बच्चे को मुंह में दबाकर भाग गया। नेहा की चीख सुनकर मोहल्ले के लोग बंदर के पीछे भागे।

सिर और मुंह में बंदर ने मारे दांत, मौत
बच्चे को लेकर कुछ दूर तक बंदर भागा, इसके बाद उसे छोडकर भाग गया। लोगों ने खून से लथपथ बच्चे को उठा लिया लेकिन तब तक मौत हो चुकी थी। बच्चे के सिर और मुंह पर बंदर ने दांत मारे थे, इससे उसकी मौत हो गई। थोड़ी देर बाद एक छत पर उसने बच्चे को छोड़ दिया। बच्चे को परिजन सिकंदरा स्थित दो हॉस्पिटल में ले गए। दोनों जगह डॉक्टरों ने उसे मृत बताया। नेहा और योगेश की शादी दो साल पहले ही हुई थी। सनी उनकी पहली संतान था।इस घटना के बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है और स्थानीय लोग दहशत में हैं।
बंदरों के झुंड से एक्सीडेंट, एग्जीक्यूटिव की मौत
8 अक्टूबर 2018 को आगरा में एसएन इमरजेंसी के पास रोड पर बंदरों का झुंड आने से बाइक स्लिप हो गई, राहगीर वीडियो बनाते रहे, घायल को इमरजेंसी लेकर पहुंचे तब तक मौत हो चुकी थी।
आगरा में एक इंश्योरेंस कंपनी में एग्जीक्यूटिव कालिंदी पुरम निवासी शैलेंद्र प्रताप सिंह सिसौदिया पुत्र राम प्रताप सिसौदिया सोमवार दोपहर ढाई बजे नालबंद से राजामंडी की ओर बाइक से आ रहे थे। आगरा कॉलेज के सामने क्षेत्र बजाज कमेटी का ऑफिस है। यहां से तीन बंदरों ने सड़क पर छलांग लगा दी। उन्होंने बाइक का ब्रेक लगाया, इससे बाइक स्लिप हो गई, अनियंत्रित होकर वह सडक पर गिए गए, सिर फुटपाथ के पास की दीवार से टकरा गया। उनके चोट लगी। यह देखकर लोग जुट गए।
काश, बच जाती जान
दो राहगीर उन्हें ऑटो से एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी लेकर आए, जहां उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी पर मृतक की पत्नी आ गईं। बाद में वो शव को घर लेकर चली गईं। इंस्पेक्टर थाना लोहामंडी ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
मोबाइल से बनाते रहे वीडियो
काफी भीड़ जुट गई थी। मगर कोई व्यक्ति चंद कदमों की दूरी पर स्थित एसएन इमरजेंसी लेकर नहीं गया। कुछ लोग मोबाइल से वीडियो और फोटो भी बनाने लगे।
दो युवक लेकर पहुंचे इमरजेंसी
बाइक से जा रहे लायर्स कालोनी निवासी संदीप चौधरी और विनायक नगर निवासी मुकेश सक्सेना आगे आए। उन्होंने शैलेंद्र के सिर पर रुमाल बांधा। इसके बाद एक ऑटो रोककर उसमें बैठा दिया। अस्पताल लेकर आए, लेकिन शैलेंद्र की मौत हो गई। उन्हें अफसोस था कि शैलेंद्र को नहीं बचा सके। उनका कहना था कि तुरंत इलाज मिलने पर जान बच सकती थीॅ
पति के कहने पर निजी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे
उनकी पत्नी इमरजेंसी पहुंच गई, पुलिस से कहा कि अभी जान है, उन्हें लेकर निजी अस्पताल पहुंचे लेकिन तब तक मौत हो चुकी थीै। लोहामंडी पुलिस को प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बाइक सवार ने सिर पर हेलमेट नहीं लगाया था। उनके चोट भी सिर में लगी थी। हेलमेट पहने होते तो जान बच सकती थी।