आगरालीक्स ….आगरा में एक कमरे में मिले मां और बेटी के शव के चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं, वे करोडपति परिवार से थीं, बेटी अपने ब्वॉयफ्रेंड डॉक्टर के इंतजार में मनोरोगी हो गई, उनकी मौत के बाद परत दर परत खुल रही हैं।
शनिवार को अर्जुन नगर में एक कमरे में डिस्ट्रिक हेल्थ विजिटर के पद से रिटायर विमला अग्रवाल 85 और उनकी बेटी वीना 50 का शव मिला था। विमला अग्रवाल के कंकाल के साथ वीना छह महीने से रह रही थी।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, विमला लोहामंडी के सिरकी मंडी में एक रिटायर्ड अधिकारी के घर पर किराये पर रहीं थीं। उन्होंने पुलिस को बताया कि विमला का मायका रावतपाड़ा में है। उनके पिता कारोबारी थे। जौहरी बाजार में विमला ने भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में खाता खोला था। इसमें उनका एक लॉकर भी था। विमला के तीन भाई भी हैं। इनमें एक भाई गाजियाबाद में परिवार सहित रहते हैं। उनके दो बेटे और एक बेटी डाक्टर हैं। एक भाई झांसी में कारोबारी है। वहीं तीसरे भाई के बारे में पता नहीं है। एक बहन जयपुर हाउस में रहती हैं। बहन से विमला के संबंध नहीं थे। विमला की ससुराल इलाहाबाद में थी। उनके कई रिश्तेदार वहीं भी रहते हैं। जब अन्य रिश्तेदारों से विमला के बारे में पूछा गया तो उन्होंने ज्यादा कुछ जानकारी होने से इंकार कर दिया। विमला की नौकरी 1957 में लगी थी। 1986 में विमला रकाबगंज स्थित सरकारी आवास में रहने लगी थीं। 1990 में विमला रिटायर्ड हुईं। वे 1993 तक आवास में रहीं। यहां से मकान खाली करने के बाद वह आवास विकास कालोनी में रहने चली गई। सिरकी मंडी में दो साल किराये पर रहीं। इसके बाद अर्जुन नगर में मकान लिया। वहां से खाली करने के बाद वीरेंद्र चाहर के मकान में आकर रहने लगीं।
डॉ सुधीर का करती रही इंतजार
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, वीना ने आगरा कॉलेज से बीएससी करने के बाद डबल एमए किया, इसी दौरान उनकी मुलाकात डॉ सुधीर से हुई। वह उनसे यह कह कर चले गए कि विदेश में पढाई करने जा रहे हैं, वहां से लौटने के बाद शादी करेंगे। यह 1980 की बात रही होगी, इसके बाद डॉ सुधीर का कोई पता नहीं चला, वह डॉक्टर की तलाश में भटकती रही, कई अस्पतालों में भी डॉ सुधीर के बारे में जानकारी ली, लेकिन कोई पता नहीं चला।
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